के सी त्यागी ने थामा RLD का दामन, कहा, “MP-MLA बनने नहीं आया”

Summary :

K C Tyagi Join RLD : उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। के. सी. त्यागी ने जनता दल यूनाइटेड से अलग होने के बाद अब राष्ट्रीय लोक दल (आरएलडी) का दामन थाम लिया है। उन्हें पार्टी अध्यक्ष जयंत चौधरी की मौजूदगी में औपचारिक रूप से शामिल कराया गया। K C Tyagi Join RLD: JDU छोड़ने के बाद नया सियासी ठिकाना हाल ही में त्यागी ने जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) से इस्तीफा दिया था। उस समय उन्होंने पार्टी में संवाद की कमी और विस्तार न होने को अपनी नाराजगी की वजह बताया था। अब आरएलडी में…

K C Tyagi Join RLD : उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। के. सी. त्यागी ने जनता दल यूनाइटेड से अलग होने के बाद अब राष्ट्रीय लोक दल (आरएलडी) का दामन थाम लिया है। उन्हें पार्टी अध्यक्ष जयंत चौधरी की मौजूदगी में औपचारिक रूप से शामिल कराया गया।

K C Tyagi Join RLD: JDU छोड़ने के बाद नया सियासी ठिकाना

हाल ही में त्यागी ने जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) से इस्तीफा दिया था। उस समय उन्होंने पार्टी में संवाद की कमी और विस्तार न होने को अपनी नाराजगी की वजह बताया था। अब आरएलडी में उनकी एंट्री को उत्तर प्रदेश की सियासत में नए समीकरणों के तौर पर देखा जा रहा है।

“मैं एमपी/एमएलए बनने नहीं आया हूं…”

आरएलडी में शामिल होने के बाद केसी त्यागी ने साफ किया कि उनका लक्ष्य पद पाना नहीं, बल्कि नेतृत्व को मजबूत करना है। उन्होंने कहा, “मैं दोनों सदनों का सदस्य रह चुका हूं, अब मैं एमपी/एमएलए बनने नहीं आया हूं. मैं जयंत चौधरी को चरण सिंह जैसा बनते देखने आया हूं. मैं चाहता हूं कि ऐसा दिन भी आए जब जयंत चौधरी के हाथों देश मे पीएम का मनोनयन हो. जैसा चौधरी चरण सिंह के हाथों मोरारजी का हुआ था.”

KC Tyagi News In Hindi: मुस्लिम राजनीति को लेकर भी दिया बड़ा बयान

KC Tyagi News In Hindi
KC Tyagi News In Hindi (Source:Social Media)

त्यागी ने आरएलडी की राजनीतिक पहुंच पर जोर देते हुए कहा, “मुसलमानों की पार्टी भी राष्ट्रीय लोकदल ही है. आज़ाद भारत मे यूपी में जितने मुस्लिम सांसद चरण सिंह ने बनाये, किसी और ने नहीं बनाए हैं. मेरे बचे हुए समय और अनुभव जयंत को मजबूत करने में लगाऊंगा.” उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वे किसी पद की इच्छा से पार्टी में शामिल नहीं हुए हैं।

2027 चुनाव को लेकर बड़ा लक्ष्य

उत्तर प्रदेश के आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर भी त्यागी ने अपनी रणनीति साफ की। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य आरएलडी को इतना मजबूत बनाना है कि 2027 तक पार्टी निर्णायक भूमिका में आ जाए।

दरअसल, जेडीयू छोड़ने के बाद आरएलडी ने उन्हें पार्टी में आने का न्योता दिया था, जिसके बाद से ही उनके इस कदम के संकेत मिलने लगे थे।

50 साल का राजनीतिक अनुभव

केसी त्यागी, जिनका पूरा नाम किशन चंद त्यागी है, मूल रूप से गाजियाबाद के रहने वाले हैं। उन्होंने 1970 के दशक में राजनीति में कदम रखा और करीब पांच दशकों तक सक्रिय भूमिका निभाई। वे जेडीयू के मजबूत पिलर माने जाते रहे थे।

साल 1989 में उन्होंने पहली बार लोकसभा चुनाव जीतकर संसद में प्रवेश किया था। उस चुनाव में उन्होंने कांग्रेस के उम्मीदवार को हराया था। उन्हें लंबे समय तक नीतीश कुमार का करीबी सहयोगी भी माना जाता रहा है। हाल में नीतीश कुमार को राज्यसभा के लिए चुन लिया गया है। ऐसे में बिहार में वे मुख्यमंत्री नहीं रहे। अब इसे नीतीश कुमार के सियासी बदलाव के घटनाक्रम से जोड़ कर देखा जा रहा है।

Rashtriya Lok Dal: बदलते समीकरणों के संकेत

केसी त्यागी की आरएलडी में एंट्री सिर्फ एक नेता का दल बदल नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश की राजनीति में बदलते समीकरणों का संकेत भी मानी जा रही है। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि उनका अनुभव पार्टी को कितना फायदा पहुंचाता है।

यह भी पढ़ेंUP: पति ने नहीं भरवाया सिलेंडर, 5 महीने के बच्चे संग घर छोड़ भागी पत्नी

Rohit Singh

रोहित सिंह पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। राजनीति, समाज, अंतर्राष्ट्रीय, अपराध और शैक्षणिक लेख लिखने में दिलचस्पी रखते हैं। दिल्ली विश्वविद्यालय से पोलिटिकल साइंस में ग्रेजुएशन और जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई पूरी की है। वर्तमान में पंजाब केसरी दिल्ली में हिन्दी सब-एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं।