India-Russia S-400 Missile Defence Deal: भारत और रूस के बीच रक्षा सहयोग को लेकर लगातार सकारात्मक खबरें सामने आ रही हैं। हाल ही में एस-400 एयर डिफेंस सिस्टम से जुड़ी दो अहम जानकारियों ने इस साझेदारी को और मजबूत किया है। आइए इसे सरल भाषा में विस्तार से समझते हैं।
12 फरवरी 2026 को यह जानकारी सामने आई कि रूस भारत को एस-400 एयर डिफेंस सिस्टम के बचे हुए दो स्क्वाड्रन इसी वर्ष सौंप देगा। भारत ने कुल पांच स्क्वाड्रन का समझौता किया था, जिनमें से तीन पहले ही मिल चुके हैं। अब चौथा स्क्वाड्रन जून तक और पांचवां नवंबर तक मिलने की उम्मीद है। इससे भारत की वायु सुरक्षा क्षमता और अधिक मजबूत होगी।
India-Russia S-400 Missile Defence Deal: 288 मिसाइल खरीदने को मिली मंजूरी
13 फरवरी 2026 को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता वाली रक्षा अधिग्रहण परिषद (DAC) ने एस-400 सिस्टम में उपयोग होने वाली 288 मिसाइलों की खरीद के लिए ‘आवश्यकता की स्वीकृति’ (AoN) दे दी। बताया जा रहा है कि यह सौदा लगभग 10,000 करोड़ रुपये का हो सकता है। इन मिसाइलों की खरीद फास्ट ट्रैक प्रक्रिया (FTP) के तहत की जाएगी, ताकि इन्हें जल्द से जल्द भारतीय सशस्त्र बलों को उपलब्ध कराया जा सके। प्रस्ताव के अनुसार 120 कम दूरी की और 168 लंबी दूरी की मिसाइलें शामिल होंगी।

S400 Air Defence System Missile: एस-400 मिसाइलों की मारक क्षमता
एस-400 सिस्टम अलग-अलग दूरी तक मार करने वाली मिसाइलों से लैस है। इसमें 40 किमी, 150 किमी, 200 किमी और 400 किमी रेंज तक की सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलें शामिल हैं। यह विविध रेंज इसे बहुस्तरीय सुरक्षा कवच बनाती है।
यह सिस्टम दुश्मन के फाइटर जेट, ड्रोन, बैलिस्टिक मिसाइल और अन्य हवाई खतरों को ट्रैक करने और नष्ट करने में सक्षम है। इसकी मिसाइलें लगभग 4.8 किलोमीटर प्रति सेकंड (मैक 14) की रफ्तार से उड़ सकती हैं और करीब 30 किलोमीटर की ऊंचाई तक लक्ष्य भेद सकती हैं।

India Russia Defense Deal: ऑपरेशन सिंदूर में अहम भूमिका
ऑपरेशन सिंदूर के दौरान एस-400 सिस्टम ने अपनी प्रभावशीलता साबित की थी। भारतीय सशस्त्र बलों ने इसका उपयोग करते हुए पाकिस्तान के कई हवाई प्रयासों को नाकाम किया था। इस दौरान फाइटर जेट, निगरानी विमान और कई कॉम्बैट ड्रोन को सफलतापूर्वक रोका गया। इसी अनुभव के बाद यह महसूस किया गया कि इन मिसाइलों का पर्याप्त भंडार बनाए रखना जरूरी है, ताकि भविष्य में किसी भी आपात स्थिति से प्रभावी तरीके से निपटा जा सके।

लंबी दूरी पर सटीक प्रहार
एक घटना में भारत ने लंबी दूरी की मिसाइल के जरिए पाकिस्तान के अंदर लगभग 314 किलोमीटर दूर स्थित एक महत्वपूर्ण सैन्य विमान को निशाना बनाया था। इस कार्रवाई के बाद पाकिस्तान को अपने सैन्य विमानों की तैनाती में बदलाव करना पड़ा।

पाकिस्तान के रडार सिस्टम पर असर
आदमपुर और भुज सेक्टर में तैनात एस-400 सिस्टम ने पाकिस्तान के कई रडार केंद्रों की क्षमता को प्रभावित किया। लाहौर, रावलपिंडी, सियालकोट और पसरूर क्षेत्रों में स्थित रडार सिस्टम को प्रभावी ढंग से निष्क्रिय किया गया। परिणामस्वरूप मई 2025 के दौरान पाकिस्तान की वायु सेना सक्रिय प्रतिक्रिया देने में असमर्थ रही।
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