पतंग उड़ाइए, म्यूजिक बजाइए…’, Makar Sankranti पर बॉलीवुड की ये परफेक्ट 5 प्लेलिस्ट जरूर लगाइए

Summary :

Makar Sankranti Hindi Songs: मकर संक्रांति का नाम सुनते ही मन में आसमान में उड़ती रंग-बिरंगी पतंगें, छतों पर हंसी-मजाक करती भीड़ और तिल-गुड़ की खुशबू तैरने लगती है। यह त्योहार सिर्फ मौसम के बदलाव का संकेत नहीं देता, बल्कि लोगों को आपस में जोड़ने का भी मौका देता है। मकर संक्रांति के जश्न में अगर संगीत शामिल हो जाए, तो माहौल और भी रंगीन हो जाता है। बॉलीवुड के कई गाने ऐसे हैं, जो पतंगबाजी और त्योहार की रौनक को दोगुना कर देते हैं। अगर आप इस मकर संक्रांति पर परिवार और दोस्तों के साथ मस्ती की तैयारी कर…

Makar Sankranti Hindi Songs: मकर संक्रांति का नाम सुनते ही मन में आसमान में उड़ती रंग-बिरंगी पतंगें, छतों पर हंसी-मजाक करती भीड़ और तिल-गुड़ की खुशबू तैरने लगती है। यह त्योहार सिर्फ मौसम के बदलाव का संकेत नहीं देता, बल्कि लोगों को आपस में जोड़ने का भी मौका देता है। मकर संक्रांति के जश्न में अगर संगीत शामिल हो जाए, तो माहौल और भी रंगीन हो जाता है। बॉलीवुड के कई गाने ऐसे हैं, जो पतंगबाजी और त्योहार की रौनक को दोगुना कर देते हैं। अगर आप इस मकर संक्रांति पर परिवार और दोस्तों के साथ मस्ती की तैयारी कर रहे हैं, तो ये गाने आपकी प्लेलिस्ट में जरूर होने चाहिए।

Makar Sankranti Hindi Songs: ये 5 बेस्ट सॉन्ग बना देंगे आपका त्योहार

ढील दे

कायपोछे ओ ओ ओ
ऐ ढील दे ढील दे दे रे भइया उस पतंग को ढील दे
जैसे ही मस्ती में आए
अरे जैसे ही मस्ती में आए उस पतंग को खींच दे
ढील दे ढील दे दे रे …

तेज़ तेज़ तेज़ है मांजा अपना तेज़ है
ऊँगली कट सकती है बाबू हों
तो पतंग क्‌या चीज़ है
ढील दे ढील दे दे रे …

ऐ कायपोछे ऐ लपेट
तेरी पतंग तो गई काम से
कैसे कटी उड़ी थी शान से
चल सरक अब खिसक तेरी नहीं थी
वो तो गई किसी के संग
ओ गम न कर घुमा फिरकी तू फिर से घर्र घर
आसमां है तेरा प्यारे हौसला बुलंद कर
दम नहीं है आंखों में न मांजे की पकड़ है
कन्नी कैसे बांधते हैं इसको क्‌या खबर है
लड़ा ले पेंच फिर से तू होने दे जंग
नज़र सदा हो ऊंची सिखाती है पतंग
हो ढील दे ढील दे दे रे …

फिल्म हम दिल दे चुके सनम का गाना ढील दे मकर संक्रांति की सच्ची झलक दिखाता है। सलमान खान और ऐश्वर्या राय पर फिल्माया गया यह गीत गुजराती परिवार की परंपरा, आपसी प्यार और त्योहार की खुशी को बेहद सादगी से पेश करता है। छत पर पतंग उड़ाते लोग, हँसी-ठिठोली और पारिवारिक माहौल इस गाने को खास बना देता है।

Makar Sankranti Hindi Songs (Photo: Social media)
Makar Sankranti Hindi Songs (Photo: Social media)

Makar Sankranti Special: उड़ी उड़ी जाए

अरे उड़ी उड़ी उड़ी.. उड़ी जाये..

उड़ी उड़ी जाये
उड़ी उड़ी जाये
दिल की पतंग देखो उड़ी उड़ी जाए

कहने को तो खेल है ये तेरा मेरा साँझा
पर मेरा दिल है पतंग
और तेरी नज़र मांझा
मांझे से लिपटी है पतंग
जुडी जुडी जाए

दो दिल उड़े, दो दिल उड़े ऊँचे आसमानों में जुड़े.. x 2

मुझे कब था पता इसका
तेरे प्रेम का इक तारा
मन में यूँ पल पल बाजेगा

मुझे कब थी खबर इसकी
मेरे मन के सिंघासन पर तू
सदा को यूँ बिराजेगा

कोई भी कठिनाई हो
या कोई हो मज़बूरी
तेरे मेरे एक भी पल होवे नहीं दूरी

माझे से लिपटी ये पतंग जुडी जुडी जाए

तारने तरलो मेलो जामयो जामयो हेत नो होदो x 2

हाले कोणी रामी लायी
हाले कोणी रामी लायी

तारने तरलो मेलो जामयो जामयो हेत नो होदो x 2

मेरे जीवन के गल्ले में
तेरा प्यार ही तो मेरा धन है
तू है तो धनवान हूँ मैं
हो.. प्रेम के इस मोहल्ले में
मेरा घर तेरा ही तो ये मन है
की तेरी मेहमान हूँ मैं, हाँ

जैसे सुगंध फूल के संग
चाँद के संग किरण

जैसे रस्सा दारु के संग
बाम के संग रगन

माझे से लिप्टी ये पतंग
जुडी जुडी जाए

ये जो पतंग है तेरे ही संग है
तेरी ही और देख मुड़ी मुड़ी जाए

दो दिल उड़े, दो दिल उड़े
ऊँचे आसमानों में जुड़े..

अरे उड़ी उड़ी उड़ी.. उड़ी जाये.. उड़ी उड़ी जाये..

फिल्म रईस का सुपरहिट गाना उड़ी उड़ी जाए मकर संक्रांति की शान को पूरी तरह दर्शाता है। शाहरुख खान और माहिरा खान पर फिल्माया गया यह गीत ढोल की थाप, लोक संगीत और रंगीन पतंगों के साथ त्योहार का जोश बढ़ा देता है। यह गाना सुनते ही मन अपने आप छत पर पतंग उड़ाने को मचल उठता है।

Makar Sankranti Hindi Songs (Photo: Social media)
Makar Sankranti Hindi Songs (Photo: Social media)

रुत आ गई रे

रुत आ गई रे रुत छा गई रे
पीली-पीली सरसों फूले

पीले-पीले पत्ते झूमें
पीहू-पीइहू पपिहा बोले

चल बाग में
धमक-धमक ढोलक बाजे

छनक-छनक पायल छनके
खनक-खनक कंगना बोले

चल बाग में
चुनरी जो तेरी उड़ती है उड़ जाने दे

बिंदिया जो तेरी गिरती है गिर जाने दे
गीतों की मौज आई

फूलों की फ़ौज आई
नदिया में जो धूप घुली सोना बहा

अम्बुआ से है लिपटी एक बेल बेले की
तू ही मुझ से है दूर आ पास आ

मुझ को तू साँसों से छू ले
झूल इन बाहों के झूले

प्यार थोड़ा सा मुझे दे के
मेरे जान-ओ-दिल तू ले

तू जब यूँ सजती है
एक धूम मचती है

सारी गलियों में सारे बाज़ार में
आँचल बसंती है उस में से छनती है

जो मैंने पूजी है मूरत तिहारे में
जाने कैसी है ये डोरी

मैं बंधा हूँ जिस से गोरी
तेरे नैनों ने मेरी नींदों की कर ली है चोरी

फिल्म अर्थ 1947 का गीत रुत आ गई रे मकर संक्रांति के भावनात्मक पहलू को दिखाता है। यह गाना बताता है कि कठिन हालात में भी त्योहार लोगों को एक साथ लाते हैं। आमिर खान और नंदिता दास पर फिल्माया गया यह गीत यह संदेश देता है कि पर्व हर भेदभाव को भुलाकर इंसानियत को जोड़ते हैं।

Makar Sankranti Hindi Songs (Photo: Social media)
Makar Sankranti Hindi Songs (Photo: Social media)

अंबरसरिया

अंबरसरिया मुंडिया वे कच्चिया कलियां ना तोड़
अंबरसरिया मुंडिया वे कच्चिया कलियां ना तोड़
तेरी मां ने बोले हैं मुझे तीखे से बोल
तेरी मां ने बोले हैं मुझे तीखे से बोल
अंबरसरिया हो गोरी गोरी मेरी कलाई
हाये हो गोरी गोरी मेरी कलाई
चूड़ियां काली काली
मैं शर्माती रोज़ लगाती
काजल सुरमा लाली
रूप ना मैं चमकाना
नहीं मैं सुरमा पाना
रूप ना मैं चमकाना
नैन नशीले हो अगर तो
सुरमे दी की लोड़
अंबरसरिया मुंडिया वे कच्चिया कलियां ना तोड़
अंबरसरिया मुंडिया वे कच्चिया कलियां ना तोड़
तेरी मां ने बोले हैं मुझे तीखे से बोल
तेरी मां ने बोले हैं मुझे तीखे से बोल
मैं कलियों के जैसी मेरी
अल्हड़ उमर नियानी
छोटी सी ये जान मेरी
और जोबन बहता पानी
ढूंढती दिल दा हाणी
जब से चढ़ी जवानी
ढूंढती दिल दा हाणी
मैं अनजानी को ये पानी
ले ना जावे रोड
अंबरसरिया मुंडिया वे कच्चिया कलियां ना तोड़
अंबरसरिया मुंडिया वे कच्चिया कलियां ना तोड़
तेरी मां ने बोले हैं मुझे तीखे से बोल
तेरी मां ने बोले हैं मुझे तीखे से बोल
अंबरसरिया हो गोरी गोरी मेरी कलाई
हाये हो गोरी गोरी मेरी कलाई
चूड़ियां काली काली
मैं शर्माती रोज़ लगाती
काजल सुरमा लाली
रूप ना मैं चमकाना
नहीं मैं सुरमा पाना
रूप ना मैं चमकाना
नैन नशीले हो अगर तो
सुरमे दी की लोड़

फिल्म फुकरे का गाना अंबरसरिया सीधे तौर पर मकर संक्रांति पर आधारित नहीं है, लेकिन इसमें पतंगबाजी और प्यार का सुंदर मेल देखने को मिलता है। इसकी हल्की-फुल्की धुन और मीठे बोल इसे हर त्योहार के लिए खास बना देते हैं।

Makar Sankranti Hindi Songs (Photo: Social media)
Makar Sankranti Hindi Songs (Photo: Social media)

Makar Sankranti Festival: मांझा

हम्म..
है मांझा तेरा तेज़
ये दिल की पतंग को काटे हाय
तुझी से कटके ये
गिरे तेरी छत पे आके हाय

है मांझा तेरा तेज़
ये दिल की पतंग को काटे हाय
तुझी से कटके ये
गिरे तेरी छत पे आके हाय

मेरी जान चली जाये है
तू जो मुड़के देखे हाय
तुझी से कटके ये
गिरे तेरी छत पे आके हाय

है मांझा तेरा तेज़
ये दिल की पतंग को काटे हाय

ओ..
हम्म..
ओ..
हम्म..

तितली थी मैं बावरी सी
इधर कभी उधर कभी
कैसे आ ठहरी तेरी
छत पे आके हाय

मनमानियों से है नज़ारे
क्या दरमियाँ है ये हमारे

हो.. मनमानियों से है नज़ारे
क्या दरमियाँ है ये हमारे
दिल कागज़ का एक पंछी
तू अम्बर सारा हाय

तुझे जो देखे तो
ये फुर उड़ ही जाये हाय
है मांझा तेरा तेज़
ये दिल की पतंग को काटे हाय
तुझी से कटके ये
गिरे तेरी छत पे आके हाय
हम्म..

है मांझा तेरा तेज़
ये दिल की पतंग को काटे हाय
तुझी से कटके ये
गिरे तेरी छत पे आके हाय

फिल्म काई पो चे का गाना मांझा मकर संक्रांति के जश्न में भावनाओं का रंग भर देता है। सुशांत सिंह राजपूत, राजकुमार राव और अमित साध पर फिल्माया गया यह गीत दोस्ती, संघर्ष और सपनों की कहानी कहता है। इसकी गहराई भरी धुन दिल को छू जाती है।

Makar Sankranti Hindi Songs (Photo: Social media)
Makar Sankranti Hindi Songs (Photo: Social media)

उड़ जा काले कावा

उड़जा काले कावां
उड़ जा काले कावां, तेरे मुँह विच खंड पावाँ
ले जा तू संदेसा मेरा, मैं सदके जावाँ

बागों में फिर झूले पड़ गए, पक गयी मिठियाँ अम्बियाँ
ये छोटी सी ज़िन्दगी ते, राता लम्बियाँ-लम्बियाँ

ओ घर आजा परदेसी
कि तेरी-मेरी एक जिंदड़ी
ओ घर आजा परदेसी
कि तेरी-मेरी एक जिंदड़ी

कितनी दर्द भरी है
तेरी-मेरी प्रेम कहानी
हो कितनी दर्द भरी है

तेरी-मेरी प्रेम कहानी
सात समुन्दर जितना अपनी
आँखों में है पानी

मैं दिल से, दिल मुझसे करता
है जब तेरी बातें
सावन आने से पहले
हो जाती हैं बरसातें

ओ घर आजा परदेसी
कि तेरी-मेरी एक जिंदड़ी
ओ घर आजा परदेसी
कि तेरी-मेरी एक जिंदड़ी

पर्वत कितने ऊँचे
कितने गहरे होते हैं
पर्वत कितने ऊँचे
कितने गहरे होते हैं

कुछ मत पूछो प्यार पे
कितने, पहरे होते हैं
इश्क़ में जाने क्या हो जाता

है ये रब ही जाने
तोड़ के सारी दीवारें
मिल जाते हैं दीवाने

ओ ले जा मुझे परदेसी
कि तेरी मेरी एक जिंदड़ी
ओ ले जा मुझे परदेसी

कि तेरी मेरी एक जिंदड़ी
हाँ ले जा मुझे परदेसी
कि तेरी मेरी एक जिंदड़ी

ये सॉन्ग गदर मूवी का है। उड़ जा काले कावा भले ही मकर संक्रांति से सीधे जुड़ा न हो, लेकिन इसकी लोक भावना और उड़ान का प्रतीक भाव पतंगों के त्योहार से जुड़ाव महसूस कराता है। यह गीत भारतीय संस्कृति की जड़ों को याद दिलाता है।

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Amit Kumar

अमित कुमार पिछले 3 सालों से पत्रकारिता के क्षेत्र में काम कर रहे हैं। उन्हें विदेश, बिजनेस, ऑटो, टेक और गैजेट्स से जुड़ी खबरें लिखने का अच्छा अनुभव है। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से बैचलर ऑफ मास कम्युनिकेशन, आईआईएमसी से पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा और उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन विश्वविद्यालय से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की पढ़ाई की है। पत्रकारिता की शुरुआत उन्होंने वेबसाइट पर लिखने से की। इसके बाद इंडिया डेली न्यूज़ चैनल और न्यूज़ इंडिया 24x7 में हिंदी सब-एडिटर के तौर पर काम किया। वर्तमान में वह पंजाब केसरी, दिल्ली में हिंदी सब-एडिटर के पद पर कार्यरत हैं।