Pakistan Hormuz Tension: ईरान और अमेरिका के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को लेकर तनाव जारी है। इस बीच पाकिस्तान को बड़ा झटका लगा है। खबरों के मुताबिक, अमेरिका ने पाकिस्तान के झंडे वाले दो जहाजों को इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग से वापस लौटा दिया। यह घटना ऐसे समय में हुई है जब पाकिस्तान, ईरान और अमेरिका के बीच शांति समझौता कराने में सक्रिय भूमिका निभा रहा है।
Pakistan Hormuz Tension: अमेरिका ने क्यों रोके जहाज?
रिपोर्ट के अनुसार, मंगलवार को पाकिस्तान के दो जहाज होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने की कोशिश कर रहे थे। इसी दौरान अमेरिकी सेना ने उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया और वापस लौटने को मजबूर कर दिया। खास बात यह है कि उसी समय चीन सहित अन्य देशों के कई जहाज बिना किसी रुकावट के इस रास्ते से गुजर गए। इससे पाकिस्तान के साथ अलग व्यवहार किए जाने की चर्चा तेज हो गई है।
ईरान ने दिए थे सुरक्षित पास
बताया जा रहा है कि ईरान ने पाकिस्तान को अपने जहाजों की आवाजाही के लिए 20 विशेष पास जारी किए थे। इन पास के जरिए ईरान ने यह भरोसा दिया था कि वह पाकिस्तान के जहाजों को सुरक्षित तरीके से होर्मुज से गुजरने में मदद करेगा। पाकिस्तान अब तक इन पासों में से 4 का इस्तेमाल कर चुका है, लेकिन अमेरिका की इस कार्रवाई ने उसकी योजना को झटका दिया है।
Irani Delegation Felt Worry: पाकिस्तान की चिंता बढ़ी

पाकिस्तान के जहाजरानी विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि जब ईरान ने पहले इस मार्ग को बंद किया था, तब भी इतनी चिंता नहीं थी। लेकिन अब अमेरिका द्वारा जहाजों को रोके जाने से स्थिति ज्यादा गंभीर हो गई है। इससे पाकिस्तान की समुद्री व्यापार और कूटनीतिक रणनीति पर असर पड़ सकता है।
पाकिस्तान सरकार ने इस पूरे मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। वहीं, देश के जहाजरानी मंत्री जुनैद अनवर चौधरी ने कहा कि अन्य देशों की तरह पाकिस्तान को भी इस समय कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार लगातार बातचीत के जरिए इस समस्या का समाधान निकालने की कोशिश कर रही है।
Strait of Hormuz News: नाकाबंदी के बावजूद जहाजों की आवाजाही जारी
अमेरिका ने होर्मुज के बाहर नाकाबंदी की घोषणा की है और ओमान की खाड़ी व अरब सागर में हजारों सैनिक तैनात किए हैं। इसके बावजूद, नाकाबंदी के पहले ही दिन लगभग 20 जहाज इस रास्ते से गुजरने में सफल रहे। रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी सेना ने कुल 6 जहाजों को रोका, जिनमें से 2 पाकिस्तान के थे।
यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब इस्लामाबाद में कुछ ही दिनों बाद ईरान और अमेरिका के बीच शांति वार्ता प्रस्तावित है। ऐसे में पाकिस्तान के जहाजों को रोका जाना उसके लिए कूटनीतिक रूप से भी एक चुनौती माना जा रहा है।
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