ट्रंप टैरिफ पर US कोर्ट का बड़ा फैसला, कंपनियों को मिलेगा अरबों डॉलर रिफंड; जानें अदालत ने क्या-क्या कहा?

US court decision on Trump tariffs

US court decision on Trump tariffs: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को अमेरिकी कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। न्‍यूयाॉर्क के एक संघीय कोर्ट के जज ने फैसला सुनाया है कि जिन कंपनियों ने अब अमान्य टैरिफ का भुगतान किया था, अब वे रिफंड के हकदार हैं। कोर्ट के इस फैसले का मतलब है कि टैरिफ कलेक्शन को वापस लिया जा सकता है, जो US ट्रेड हिस्ट्री में सबसे बड़ा रिफंड हो सकता है।

Trump के टैरिफ पर कोर्ट का बड़ा फैसला

एपी की रिपोर्ट के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय व्यापार न्यायालय के जज Richard Eaton ने बुधवार को कहा कि जिन भी रजिस्‍टर्ड इम्‍पोर्टर्स से पिछले साल Donald Trump के लगाए टैरिफ के तहत पैसा वसूला गया था, वे अब रिफंड पाने के हकदार हैं। यह फैसला इसलिए आया क्योंकि पिछले महीने अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने International Emergency Economic Powers Act के तहत लगाए गए इन टैरिफ को रद्द कर दिया था।

कोर्ट ने साफ किया कि रिफंड केवल कुछ चुनिंदा व्यापारियों को नहीं मिलेगा, बल्कि उन सभी कंपनियों को मिलेगा जिन्होंने IEEPA कानून के तहत शुल्क चुकाया था। जज ईटन ने यह भी कहा कि टैरिफ रिफंड से जुड़े सभी मामलों की सुनवाई वही करेंगे, ताकि इस जटिल प्रक्रिया की निगरानी एक ही जगह से हो सके।

कितना देना होगा रिफंड?

Penn Wharton Budget Model के अनुमान के अनुसार, अमेरिका को बड़ा रिफंड देना पड़ सकता है। सरकार ने दिसंबर के मध्य तक टैरिफ के जरिए 130 अरब डॉलर से ज्यादा की वसूली की थी। अनुमान है कि कुल रिफंड करीब 175 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है। इससे पहले फरवरी में कोर्ट ने ट्रंप के टैरिफ को खारिज तो कर दिया था, लेकिन यह साफ नहीं था कि रिफंड कब और कैसे मिलेगा। अब ट्रेड कोर्ट ने इस पर स्पष्टता दे दी है।

अभी कितना टैरिफ लागू है?

कोर्ट के फैसले के बाद ट्रंप के टैरिफ को अवैध माना गया है, लेकिन फिलहाल अमेरिका ने Trade Act of 1974 की सेक्शन 122 के तहत लगभग 15% तक का वैश्विक टैरिफ लागू रखा है। यह टैरिफ ज्यादातर देशों से आने वाले आयात पर लगाया गया है।

यह नियम अधिकतम 150 दिनों (करीब 5 महीने) तक लागू रह सकता है। इसके बाद इसे जारी रखने के लिए अमेरिकी कांग्रेस की मंजूरी जरूरी होगी। हालांकि स्टील, एल्युमिनियम, ऑटोमोबाइल और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े कुछ औद्योगिक उत्पादों पर पहले वाला टैरिफ अभी भी लागू है।

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