जंग के बीच ट्रंप ने फोड़ा टैरिफ बम, अमेरिकी पेटेंट दवाओं पर लगाया 100% टैरिफ, भारत का फार्मा सेक्टर कितना होगा प्रभावित?

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US Patent Medicine Tariff impact On India: ईरान पर अमेरिका-इजरायल के भीषण हमले के बीच अब अमेरिका ने टैरिफ बम फोड़ा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने धारा 232 की जांच के बाद राष्ट्रीय सुरक्षा और आपूर्ति श्रृंखला जोखिमों का हवाला देते हुए पेटेंट वाली दवाइयों के आयात पर 100 प्रतिशत टैरिफ लगाने का फैसला लिया है। जिसका उद्देश्य दवा आपूर्ति में विदेशी निर्भरता का कम या सीमित करना है। सात ही दवा कंपनियों को मजबूर करना है कि वह अपना प्रोडक्शन अमेरिका में किया जाए। विस्तार से जानते है कि फार्मा सेक्टर पर टैरिफ लगाने के बाद भारत पर…

US Patent Medicine Tariff impact On India: ईरान पर अमेरिका-इजरायल के भीषण हमले के बीच अब अमेरिका ने टैरिफ बम फोड़ा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने धारा 232 की जांच के बाद राष्ट्रीय सुरक्षा और आपूर्ति श्रृंखला जोखिमों का हवाला देते हुए पेटेंट वाली दवाइयों के आयात पर 100 प्रतिशत टैरिफ लगाने का फैसला लिया है। जिसका उद्देश्य दवा आपूर्ति में विदेशी निर्भरता का कम या सीमित करना है। सात ही दवा कंपनियों को मजबूर करना है कि वह अपना प्रोडक्शन अमेरिका में किया जाए। विस्तार से जानते है कि फार्मा सेक्टर पर टैरिफ लगाने के बाद भारत पर इसका कितना असर पड़ेगा।

US Patent Medicine Tariff impact On India: भारत का फार्मा सेक्टर कितना होगा प्रभावित?

US Patent Medicine Tariff impact On India
US Patent Medicine Tariff impact On India (Source:Social Media)

भारत के लिए इसका प्रभाव मिश्रित रहने की संभावना है। जेनेरिक दवाओं को बाहर रखने से एक तरह की सुरक्षा मिलेगी, जिससे कम लागत वाली दवाओं के निर्यात में निरंतरता सुनिश्चित होगी, जो अमेरिका के साथ भारत के दवा व्यापार मुख्य हैं। अमेरिकी जेनेरिक दवा बाजार में महत्वपूर्ण हिस्सेदारी रखने वाले भारतीय दवा निर्माताओं को किसी परेशानी का सामना करने की संभावना नहीं है। भारत के लिए महत्वपूर्ण बात यह है कि कि जेनेरिक दवाएं एक ऐसा क्षेत्र जिसमें भारतीय कंपनियां विश्व स्तर पर हावी हैं लेकिन इस समय छूट प्राप्त हैं और ऐसे उत्पाद धारा 232 के तहत शुल्क के अधीन नहीं होंगे।

जेनेरिक दवाएं भारतीय फार्मा निर्यात का हिस्सा

जेनेरिक दवाएं भारतीय फार्मा निर्यात का अधिकांश हिस्सा हैं और टैरिफ से मुक्त हैं, लेकिन वाणिज्य विभाग जेनेरिक दवाओं की रीशोरिंग की स्थिति की जांच करेगा। पेटेंट वाली दवाओं और एक्टिव फार्मास्युटिकल पर लगाए गए भारी टैरिफ का असर वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं पर पड़ सकता है, जिनमें भारतीय कंपनियां महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। टैरिफ लगाने के बाद कंपनियों को समय भी दिया गया है कि बड़ी कंपनियों को पालन करने के लिए 120 दिन का ही समय दिया गया है। वहीं छोटी कंपनियों को 180 दिन का समय दिया गया है।

US Patent Medicine Tariff impact On India: टैरिफ लगाने के साथ ही एक ऑफर भी

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US Patent Medicine Tariff impact On India (Source:Social Media)

पेटेंट प्राप्त दवाएं कैंसर, दुर्लभ बीमारियों, ऑटोइम्यून, संक्रामक रोगों और अन्य गंभीर स्वास्थ्य चुनौतियों के उपचार के लिए महत्वपूर्ण हैं। वहीं दूसरी तरफ अमेरिका ने टैरिफ लगाने के साथ ही एक ऑफर भी रखा है कि अगर कोई अमेरिका में प्रोडक्शन यूनिट बनाने का प्लान बनाती है तो उस कंपनी को टैरिफ में छूट मिलेगी और पूरा टैरिफ भी हटाया जा सकता है साथ ही अमेरिका में प्रोडक्शन ट्रांसफर करने पर भी लगभग 20 प्रतिशत तक टैरिफ हटाया जा सकता है।

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Himanshu Negi

हिमांशू नेगी को देश-विदेश, बिजनेस, ऑटो, टेक और गैजेट्स से जुड़ी खबरें लिखने का अच्छा अनुभव है। उन्होंने GGSIPU से संबद्ध LLDIMS कॉलेज से बैचलर ऑफ मास कम्युनिकेशन (BJMC) की पढ़ाई की है। इसके बाद HNBGU Central University से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन (MAJMC) पूरा किया और पत्रकारिता की शुरुआत की। दैनिक जागरण और IJCP Pvt Ltd. में इंटर्नशिप करने के बाद उन्होंने सुदर्शन टीवी चैनल में 9 PM शो के लिए प्रोड्यूसर के तौर पर काम किया। वर्तमान में वह पंजाब केसरी, दिल्ली में हिंदी सब-एडिटर के पद पर कार्यरत हैं।