रानिल विक्रमसिंघे के श्रीलंका का राष्ट्रपति निर्वाचित होने के बाद कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी.चिदंबरम ने बुधवार को चिंता जतायी कि द्वीपीय देश में उठा-पटक जारी रहने और आर्थिक संकट और गहराने की आशंका है।
अनुभवी राजनेता विक्रमसिंघे को सांसदों ने बुधवार को देश का नया राष्ट्रपति चुना। आर्थिक संकट से जूझ रहे देश को राहत पहुंचाने के लिए अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) के साथ चल रही बातचीत को जारी रखने के लिहाज से यह महत्वपूर्ण कदम है।
हालांकि, विक्रमसिंघे के राष्ट्रपति चुने जाने से सरकार विरोधी प्रदर्शन कर रहे लोगों में गुस्सा बढ़ गया है और वे उनके इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।
चिदंबरम ने कहा, ‘‘श्रीमान रानिल विक्रमसिंघे राजपक्षे परिवार जितने ही अलोकप्रिय हैं। प्रदर्शन आंदोलन उनके खिलाफ भी हो रहा था। मुझे डर है कि श्रीलंका के राष्ट्रपति के रूप में उनके निर्वाचन से प्रदर्शन समाप्त नहीं होंगे, और न हीं इससे एकता और शांति आएगी।’’


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