राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शनिवार को कहा कि सॉफ्टवेयर क्षेत्र में अपनी ताकत दिखाने के बाद भारत को सॉफ्टवेयर उत्पादों का केंद्र बनने का प्रयास करना चाहिए। मुर्मू ने ‘डिजिटल इंडिया’ पुरस्कार के सातवें संस्करण को संबोधित करते हुए कहा कि सरकारी आंकड़ों के लोकतंत्रीकरण पर ध्यान देना चाहिए ताकि देश में प्रौद्योगिकी के प्रति उत्साही लोग स्थानीय डिजिटल समाधान विकसित करने के लिए आगे आएं।
उन्होंने कहा, ”हमें मौजूदा नीतियों का लाभ उठाना चाहिए और भारत को देश में विकसित तकनीक की मदद से सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर उत्पादों के वैश्विक शक्ति-केंद्र के रूप में स्थापित करना चाहिए।” उन्होंने कहा कि भारत खासतौर से कोविड-19 महामारी के दौरान जन-केंद्रित शासन के लिए प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल करने वाला प्रमुख देश बनकर उभरा।
डिजिटल गवर्नेंस के क्षेत्र में 22 सरकारी संगठनों को सम्मानित किया
मुर्मू ने कहा, ”डिजिटल इंडिया भी विश्व मंच पर देश के महत्व को बढ़ाने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। भारत के जी20 समूह की अध्यक्षता संभालने के साथ ये सभी घटनाएं अधिक प्रासंगिक हो जाती हैं।” भारत ने औपचारिक रूप से एक दिसंबर 2022 को जी20 की अध्यक्षता संभाली है।
राष्ट्रपति ने कहा कि भारत ने स्वदेशी रूप से विकसित 5जी दूरसंचार तकनीक को लागू किया है और 5जी सेवाओं के शुरू होने से शासन में भी बदलाव आएगा। मुर्मू ने कहा, ”हमें सरकारी आंकड़ों के लोकतंत्रीकरण पर ध्यान देना चाहिए, ताकि युवा इसका इस्तेमाल स्थानीय जरूरत के अनुसार डिजिटल समाधान बनाने के लिए कर सकें।” इस कार्यक्रम में राष्ट्रपति ने डिजिटल शासन के क्षेत्र में 22 सरकारी संस्थाओं को पुरस्कार प्रदान किए।


Download Android App
Download iOS App



