अमित शाह और नड्डा ने कृषि कानून निरस्त करने के फैसले का किया स्वागत- देश में बनेगा भाईचारे का माहौल

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केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और पार्टी अध्यक्ष जे पी नड्डा ने तीन कृषि कानूनों को निरस्त करने के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “राजनेता की तरह” लिए गए फैसले का शुक्रवार को स्वागत किया।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और पार्टी अध्यक्ष जे पी नड्डा ने तीन कृषि कानूनों को निरस्त करने के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “राजनेता की तरह” लिए गए फैसले का शुक्रवार को स्वागत किया। अमित शाह ने कहा कि यह दिखाता है कि प्रधानमंत्री के लिए प्रत्येक भारतीय के कल्याण के अलावा कोई विचार बड़ा नहीं है। प्रधानमंत्री मोदी ने आज सुबह, पिछले एक साल से किसानों के विरोध प्रदर्शन के केंद्र में रहे तीन कृषि कानूनों को वापस लेने की घोषणा की।
उन्होंने ट्वीट किया, “कृषि कानूनों से जुड़ी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की घोषणा स्वागत योग्य और एक राजनेता की तरह उठाया गया कदम है। जैसा कि प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि भारत सरकार हमारे किसानों की सेवा करती रहेगी और उनके प्रयासों का हमेशा समर्थन करेगी।”
गृह मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की घोषणा के बारे में अनोखी बात यह है कि उन्होंने इस घोषणा के लिए गुरु परब का विशेष दिन चुना। शाह ने कहा, “इससे यह भी जाहिर होता है कि उनके मन में प्रत्येक भारतीय के कल्याण के अलावा कोई दूसरा विचार नहीं है। उन्होंने उल्लेखनीय उत्कृष्टता दिखाई है।”
नड्डा बोले- इस फैसले से पूरे देश में भाईचारे का बनेगा माहौल 
 भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अध्यक्ष जे पी नड्डा ने एक ट्वीट में कहा, ‘‘गुरु नानक देव जी के प्रकाश उत्सव के खास दिन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा की गई घोषणा का भाजपा ह्रदय से स्वागत करती है। प्रधानमंत्री मोदी ने पुनः साबित किया है कि वह किसान भाइयों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध हैं। इस फैसले से पूरे देश में भाईचारे का माहौल बनेगा।’’
उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री मोदी ने शुक्रवार की सुबह राष्ट्र को संबोधित करते हुए कृषक उपज व्यापार और वाणिज्य (संवर्धन और सरलीकरण) कानून, कृषि (सशक्तिकरण और संरक्षण) कीमत अश्वासन और कृषि सेवा करार कानून और आवश्यक वस्तु संशोधन कानून, 2020 को निरस्त करने की घोषणा की।
उन्होंने कहा कि इन कानूनों को निरस्त करने की संवैधानिक प्रक्रिया संसद के आगामी शीतकालीन सत्र में पूरी कर ली जाएगी। इन कृषि कानूनों के खिलाफ पिछले लगभग एक साल से राजधानी दिल्ली की विभिन्न सीमाओं पर खासकर पंजाब, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के किसान आंदोलन कर रहे थे।
नड्डा ने एक अन्य ट्वीट में दावा किया कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में केंद्र की सरकार ने किसानों के कल्याण के लिए ‘‘अनगिनत’’ कार्य किए हैं। उन्होंने कहा, ‘‘आइए, हम एक साथ मिलकर काम करते रहें और अपनी सामूहिक भावना से भारत को आने वाले समय में और भी नई ऊंचाइयों पर ले जाएं।’’

Desk Team