जम्मू-कश्मीर के ताजा हालात पर अमित शाह ने की हाईलेवल बैठक, उपराज्यपाल और NSA रहे मौजूद

Summary :

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने चुनावी रैलियों और जनसभाओं से हटकर जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद से केंद्र सरकार लगातार कई योजनाओं को यहां तक पहुंचाने की कोशिश कर रही है।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने चुनावी रैलियों और जनसभाओं से हटकर जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद से केंद्र सरकार लगातार कई योजनाओं को यहां तक पहुंचाने की कोशिश कर रही है। हालांकि दूसरी तरफ आतंकी घटनाएं लगातार जारी हैं। इसी बीच इस केंद्र शासित प्रदेश में विकास कार्यों को लेकर गृह मंत्रालय ने एक बैठक बुलाई, जिसमें गृहमंत्री अमित शाह समेत तमाम आला अधिकारी शामिल हुए।  
बैठक मेंउपराज्यपाल और एनएसए भी मौजूद 
बताया गया कि दिल्ली में बुलाई गई इस बैठक में जम्मू-कश्मीर में विकास कार्यों को लेकर चर्चा हुई। इस बैठक में गृह मंत्रालय के आला अधिकारी, जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल, चीफ सेक्रेट्री, चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ और नेशनल सिक्योरिटी एडवाइजर शामिल हुए। बैठक में जम्मू-कश्मीर के मौजूदा हालात को लेकर भी चर्चा हुई।  
आतंकी लगातार कर रहे हैं नापाक हमले 
बता दें कि भले ही केंद्र सरकार की तरफ से कश्मीर में विकास की बात की जा रही हो, लेकिन यहां आतंकी घटनाएं रुकने का नाम नहीं ले रही हैं। आए दिन जम्मू-कश्मीर में गोलीबारी की खबरें सामने आती हैं। आज यानी 18 फरवरी को श्रीनगर के ख्वाजा बाजार इलाके में आतंकवादियों ने पुलिसकर्मियों को निशाना बनाकर ग्रेनेड हमला किया, जिसमें एक पुलिसकर्मी घायल हो गया। अधिकारियों के मुताबिक, नौहट्टा इलाके के ख्वाजा बाजार में तैनात पुलिसकर्मियों पर आतंकवादियों ने ग्रेनेड से हमला किया। इसके बाद आतंकियों की तलाश की जा रही है।  
शोपियां में आतंकियों ने सीआरपीएफ के एक वाहन पर फेंका ग्रेनेड  
इससे पहले गुरुवार 17 फरवरी को भी आतंकियों ने सीआरपीएफ के एक वाहन पर हमला किया था। जम्मू कश्मीर के शोपियां जिले में आतंकवादियों ने केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के एक वाहन पर ग्रेनेड फेंका, लेकिन इसमें कोई जवान घायल नहीं हुआ। अधिकारियों ने बताया कि आतंकवादियों ने शाम करीब साढ़े सात बजे शोपियां के कीगाम में वाहन पर ग्रेनेड फेंका। अधिकारियों ने कहा कि इस घटना में वाहन को मामूली नुकसान हुआ, लेकिन कोई हताहत नहीं हुआ।  
पांच अगस्त, 2019 को अनुच्छेद 370  हुआ था रद्द 
जम्मू-कश्मीर में अभी केंद्रीय शासन है। पांच अगस्त, 2019 को संविधान के अनुच्छेद 370 के ज्यादातर प्रावधानों को रद्द किये जाने के बाद तत्कालीन राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में बांट दिया गया था।

Desk Team