हमारी जमीन हमारे लिए बहुत खास है और कोई भी कभी भी हमारी सीमाओं को पार नहीं कर सकता है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार को यहां कहा कि वह युग चला गया जब भारत की भूमि का कोई भी अतिक्रमण कर सकता था और अब कोई इसकी सीमा की ओर देखने का दुस्साहस नहीं कर सकता। अरुणाचल प्रदेश के सीमावर्ती गांव किबिथू में ‘वाइब्रेंट विलेज’ कार्यक्रम की शुरूआत करते हुए शाह ने कहा कि थलसेना और भारत तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) के पराक्रम ने सुनिश्चित किया है कि कोई भी भारत की एक इंच भूमि तक का अतिक्रमण नहीं कर सकता। किबिथू भारत के सबसे पूर्वी छोर पर स्थित गांव है। शाह ने पूर्वोत्तर में किये गये बुनियादी ढांचा से जुड़े व अन्य विकास कार्यों की ओर इशारा करते हुए कहा कि सीमावर्ती इलाके मोदी सरकार की शीर्ष प्राथमिकता हैं।

श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए शाह ने कहा
केंद्रीय मंत्री ने कहा, ‘‘वह युग चला गया जब कोई कोई भी हमारी भूमि का अतिक्रमण कर सकता था। अब सूई की नोक के बराबर भूमि तक का अतिक्रमण नहीं किया जा सकता…।’’ वर्ष 1962 के युद्ध के दौरान अपने प्राण न्यौछावर करने वाले किबिथू के शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए शाह ने कहा कि संसाधनों के अभाव के बावजूद वे अदम्य साहस के साथ लड़े। शाह ने कहा कि अरुणाचल प्रदेश में कोई भी ‘नमस्ते’ नहीं बोलता क्योंकि लोग एक-दूसरे का अभिवादन ‘जय हिंद’ के साथ करते हैं जो हमारे दिलों को देशभक्ति की भावना से भर देता है।
भारत के प्रथम गांव की यात्रा की है
गृह मंत्री ने कहा कि पहले, सीमावर्ती इलाकों से लौटने वाले कहा करते थे कि वे भारत के अंतिम गांव में गये, लेकिन मोदी सरकार ने इस विमर्श को बदल दिया और अब लोग कहते हैं कि उन्होंने भारत के प्रथम गांव की यात्रा की है। शाह ने कहा, ‘‘2014 से पहले, पूरे पूर्वोत्तर क्षेत्र को अशांत क्षेत्र के रूप में देखा जाता था, लेकिन लुक ईस्ट नीति के कारण इसे अब इसकी समृद्धि और विकास के लिए जाना जाता है।’’


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