राहुल गांधी पर ‘विभाजनकारी राजनीति’ करने का आरोप लगाते हुए भाजपा ने बुधवार को कहा कि यह ‘बेहद निंदनीय और शर्मनाक’ है कि कांग्रेस नेता ऐसे समय ‘वोट बैंक की राजनीति’ कर रहे हैं जब उत्तरपूर्वी दिल्ली हिंसा से ग्रस्त है।
राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस नेताओं का एक प्रतिनिधिमंडल बुधवार को दंगा ग्रस्त इलाके के दौरे पर पहुंचा। इसी के मद्देनजर भाजपा प्रवक्ता जीवीएल नरसिम्हा राव ने उन पर यह हमला बोला।
प्रतिनिधिमंडल बृजपुरी इलाके में ‘अरूण मॉडर्न सीनियर सेकेंडरी स्कूल’’ और एक मस्जिद को देखने पहुंचा जहां दंगों के दौरान तोड़फोड़ हुई थी।
राव ने एक बयान में कहा कि गांधी ने मस्जिद में जाकर यह स्पष्ट संदेश दिया कि मुस्लिम समुदाय पीड़ित था और हिंसा का दोष हिंदुओं को दिया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि गांधी को शहीद हेड कांस्टेबल रतनलाल या दंगाइयों के हाथों मारे गए आईबी के कर्मचारी अंकित शर्मा के यहां जाने का वक्त नहीं मिला, यहां तक कि उन्होंने संवेदना भी व्यक्त नहीं की। यह पुलिस और सुरक्षा बलों के बलिदानों के प्रति कांग्रेस की उपेक्षा दिखाता है।
बयान में राव ने कहा, ‘‘पूरी तरह तटस्थ रहने और सभी वर्गों से अमन कायम करने का आह्वान करने के बजाए राहुल गांधी ने विभाजनकारी राजनीति करना चुना जिसकी वजह वोट बैंक थी। ’’
भाजपा प्रवक्ता ने यह भी कहा कि यह बहुत ही खेदजनक है कि सीएए विरोधी प्रदर्शनों के दौरान कांग्रेस ने सुरक्षा बलों के बजाए हिंसा करने वालों का पक्ष लिया।


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