नयी दिल्ली : पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने बृहस्पतिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलकर किसानों को खेत में पराली नहीं जलाने के लिए हतोत्साहित करने को उन्हें मुआवजा दिए जाने की मांग की। सिंह ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के वातावरण में इस समय धुएं और धुंध की समस्या गहराने के बीच प्रधानमंत्री से मुलाकात में यह मांग उठायी। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि समस्या का निवारण तत्काल नहीं किया गया तो वायु प्रदूषण का संकट और गहरा सकता है। सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री ने किसानों की समस्या के प्रति सहानुभूति प्रकट की है।
पंजाब के मुख्यमंत्री पराली (धान के डंठल) के जलाने पर अंकुश लगाने के लिए किसानों को 100 रुपये प्रति क्विंटल का मुआवजा देने के हिमायती हैं। पंजाब और हरियाणा समेत पड़ोसी राज्यों में किसानों धान और अन्य फसलों के डंठल खेत में जाने से के कारण दिल्ली एनसीआर का वातावरण प्रदूषित होता है। गुरुवार को लगातार दूसरे दिन दिल्ली में वायु की गुणवत्ता ‘बहुत खराब’ रही। अधिकारियों ने कहा कि कई इलाकों में प्रदूषण गंभीर स्तर तक पहुंच गया है।
पंजाब सरकार के एक आधिकारिक प्रवक्ता ने बैठक का विवरण देते हुए कहा कि सिंह ने प्रधानमंत्री से राज्य की नकद रिण की सीमा (सीसीएल) में 31,000 करोड़ रुपये के अंतर के मामले के समाधान के लिए केंद्रीय वित्त मंत्रालय को सलाह देने का आग्रह किया। राज्य सरकार चहती है कि इस बकाए का कुछ बोझ वित्त मंत्रालय उठाए। मुख्यमंत्री ने पहले सिख गुरु श्री गुरु नानक देव की 550वीं जयंती समारोह की तैयारी के लिए केंद्र की ओर से सहायता की मांग भी की।


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