कांग्रेस ने गुजरात के एबीजी शिपयार्ड द्वारा 22,842 करोड़ रुपये की कथित धोखाधड़ी के मामले को लेकर सोमवार को केंद्र सरकार पर निशाना साधा और कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बताना चाहिए कि यह धोखाधड़ी कैसे हुई है और वह इस पर ‘चुप’ क्यों हैं। पार्टी प्रवक्ता गौरव वल्लभव ने दावा किया कि एबीजी शिपयार्ड द्वारा धोखाधड़ी के बारे में सरकार को पांच साल पहले जानकारी मिल गई थी, लेकिन सरकार ने पांच साल तक कोई कार्रवाई नहीं की।
कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर लगाया लापरवाही का आरोप
उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ‘‘प्रधानमंत्री ने कहा था कि देश की अर्थव्यवस्था को पांच हजार अरब डॉलर की बनाएंगे, लेकिन बैंकों से पांच हजार अरब रुपये की लूट हो गई। जालसाजी के कारण बैंकों को औसतन रोजाना 195.5 करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है। मनरेगा का प्रतिदिन का खर्च भी लगभग इतने का है। यानी यह धोखाधड़ी नहीं होती, तो मनरेगा में अधिक रोजगार मिल पाता।’’ वल्लभ ने कहा, ‘‘सरकार को 2017 में ही इस धोखाधड़ी की जानकारी मिल गई थी, लेकिन पांच साल तक सरकार ने कुछ नहीं किया। सिर्फ फाइलें इधर-उधर भेजी जाती रहीं।’’
PM मोदी और वित्त मंत्री सीतारमण से पूछे तीखे सवाल
उन्होंने सवाल किया, ‘‘प्रधानमंत्री जी और वित्त मंत्री जी आप चुप क्यों हैं? आप देश को क्यों नहीं बताते कि यह धोखाधड़ी कैसे हुई? ऋषि अग्रवाल को अब तक गिरफ्तार क्यों नहीं किया गया? अग्रवाल की नागरिकता किस देश की है? इसका नाम भगोड़ों की सूची में क्यों नहीं डाला गया? क्या यह सब सरकार की साठगांठ से हो रहा है?’’ गौरतलब है कि केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने सात फरवरी को एबीजी शिपयार्ड लिमिटेड, इसके पूर्व अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक ऋषि कमलेश अग्रवाल और अन्य पर आईसीआईसीआई बैंक के नेतृत्व वाले बैंकों के एक समूह के साथ धोखाधड़ी करने के आरोप में मामला दर्ज किया।


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