भारत के मुख्य निर्वाचन आयुक्त सुशील चन्द्रा ने एक बड़ा बयान दिया। विदेशों में रहने वाले पंजीकृत मतदाताओं की संख्या बेहद कम होने की बात कहते हुए सुशील चन्द्रा ने दक्षिण अफ्रीका और मॉरिशस में मौजूद भारतीय समुदाय के सदस्यों से कहा कि एनआरआई मतदाताओं को डाकमत की सुविधा देने पर विचार किया जा रहा है।
इन विदेशी नागरिकों को जल्द मिल सकती है यह सुविधा
निर्वाचन आयोग द्वारा जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, चन्द्रा ने दोनों देशों की आधिकारिक यात्रा के दौरान वहां भारतीय समुदाय से बातचीत की और उनसे ‘ओवरसीज मतदाता’ के रूप में पंजीकरण कराने का अनुरोध किया, क्योंकि ऐसे मतदाताओं की संख्या बेहद कम है। उन्होंने भारतीय समुदाय के सदस्यों से कहा कि विदेश में रहने वाले मतदाताओं को इलेक्ट्रॉनिकली ट्रांसमिटेड पोस्टल बैलट सिस्टम (ईटीपीबीएस) सुविधा देने पर भी विचार किया जा रहा है। ईटीपीबीएस सुविधा अभी तक सेना और केन्द्रीय सशस्त्र बलों के कर्मियों सहित सेवा में लगे कर्मचारियों/कर्मियों के लिए उपलब्ध है जो अपने निर्वाचन क्षेत्र से बाहर तैनात हैं या विदेशों में स्थित भारतीय दूतावास/मिशन के सदस्य हैं।
ईटीपीबीएस सुविधा
निर्वाचन आयोग ने 2020 में ईटीपीबीएस सुविधा विदेशों में रहने वाले मतदाताओं को देने का प्रस्ताव सरकार के समक्ष रखा था। विधि मंत्रालय में विधायी सचिव को 27 नवंबर, 2020 को लिखे पत्र में निर्वाचन आयोग ने कहा था कि सेवा में तैनात कर्मियों को ईटीपीबीएस सुविधा सफलतापूर्वक मुहैया कराने के बाद अब उसे यकीन है कि यह सुविधा विदेशों में रहने वाले मतदाताओं को भी दी जा सकती है।
निर्वाचन आयोग, केन्द्रीय विधि मंत्रालय और विदेश मंत्रालय विदेशों में रहने वाले भारतीय मतदाताओं से जुड़ी कुछ समस्याओं का समाधान निकालने में जुटे हुए हैं। वर्तमान में विदेशों में रहने वाले भारतीय उस निर्वाचत क्षेत्र में मतदान कर सकते हैं, जहां वे पंजीकृत हैं। निर्वाचन आयोग के सूत्रों ने बताया कि दोनों देशों की यात्रा के दौरान विदेशों में रहने वाले करीब 1,12,000 भारतीय मतदाताओं ने पंजीकरण कराया।


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