मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी ने ‘मुफ्त उपहार’ संबंधी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की टिप्पणी को लेकर उन पर निशाना साधते हुए बुधवार को कहा कि उनकी ओर से केवल एक ही पेशकश की जा रही है और वह है ‘घोटालेबाज’ उद्योगपतियों की कर्जमाफी।
माकपा महासचिव सीताराम येचुरी ने एक ट्वीट में कहा, ‘जब पिछले छह वर्षों में मित्रवत कारोबारियों का 10 लाख करोड़ का कर्ज माफ कर दिया जाता है, तो उसे मुफ्त में दिए गए उपहार कहा जाता है।’
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पानीपत में कहा कि ‘‘मुफ्त उपहार’’ देने से भारत के आत्मनिर्भर बनने के प्रयास बाधित होते हैं और इनसे करदाताओं पर बोझ भी पड़ता है।
येचुरी ने कहा, ‘जब प्रचार पर धनराशि खर्च की जाती है और किसी एक आदमी के विज्ञापन पर धन खर्च किया जाता है, तो वह मुफ्त सेवा होती है। भारत एक कल्याणकारी राज्य है। पैसा सरकार या प्रधानमंत्री का नहीं है। लोगों की देखभाल करना सरकार का कर्तव्य है। यह कोई एहसान या दान नहीं है। प्रधानमंत्री द्वारा इस्तेमाल की गई इस तरह की भाषा की सभी को निंदा करनी चाहिए।’


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