आम बजट 2023-24 वृद्धि को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है और इसमें ईंधन की कीमतों जैसी बाहरी आर्थिक चुनौतियों का भी ख्याल रखा गया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बृहस्पतिवार को यह बात कही। उन्होंने बजट के संबंध में आयोजित एक सत्र में कहा कि आम आदमी और कमजोर वर्गों पर खासतौर से ध्यान दिया गया है। बजट में कोशिश की गई है कि उनके कारोबार को समर्थन दिया जाए, उनकी शिक्षा को समर्थन दिया जाए और कौशल बढ़ाने के अवसरों के लिए पर्याप्त प्रावधान किया गया है।
जब सीतारमण से बजट को अंतिम रूप देने के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा, ‘‘प्राथमिकता वृद्धि की गति को बरकरार रखना है और यह भी सुनिश्चित करना है कि वृद्धि को बनाए रखने के लिए और उपाय किए जाएं… साथ ही बाहरी चुनौतियों को भी ध्यान में रखना होगा।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हमें अपनी सीमा के बाहर किसी भी अप्रत्याशित घटना के लिए तैयार रहना चाहिए।’’
सीतारमण ने आगे कहा, ‘‘आर्थिक चुनौतियां आज भी ईंधन और उर्वरक के रूप में सामने हैं। उर्वरक को लेकर यह थोड़ा घट रही है, लेकिन फिर भी यह हमारे लिए बाहरी कारक है। ये प्राथमिक चिंताएं हैं।’’ सीतारमण ने कहा कि बजट अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग सहित समाज के हर वर्ग को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।


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