देश में बढ़ते कोरोना वायरस के मामलों के मद्देनजर सरकार ने कहा है कि, किसी अन्य देश से भारत आने वाले कोरोना वायरस से संक्रमित यात्रियों के लिए शनिवार से पृथक-वास केंद्र में रहना अनिवार्य नहीं होगा, बल्कि उन्हें प्रोटोकॉल के अनुसार घर पर पृथक-वास में रहना होगा। सरकार ने अंतरराष्ट्रीय आगंतुकों के लिए जारी संशोधित दिशानिर्देशों में कहा है कि, विदेश से आए संक्रमित व्यक्ति के संक्रमण मुक्त होने की पुष्टि होने के बाद भी उसे और सात दिन घर में पृथक-वास में रहना होगा। साथ ही विदेशी आगंतुकों को भारत पहुंचने के बाद आठवें दिन आरटी-पीसीआर जांच करानी होगी। संशोधित दिशानिर्देश शनिवार से लागू हो गए हैं।
अनिवार्यता वाले प्रावधान को हटा दिया गया है
सरकार ने कहा कि इससे पहले के नियमों के अनुसार जोखिम वाले देशों सहित अन्य देशों से आने वाले यात्रियों को पृथक-वास केंद्रों में रहना पड़ता था और मानक प्रोटोकॉल के अनुसार उनका उपचार किया जाता था। संशोधित दिशानिर्देशों के मुताबिक, आगमन पर ‘पृथक-वास केंद्र’ में रहने की अनिवार्यता वाले प्रावधान को हटा दिया गया है।
संक्रमित हुए लोगों को भेजा जाएगा चिकित्सा केंद्र
सरकार ने कहा कि अब भी जांच के दौरान जिन यात्रियों में कोविड संक्रमण के लक्षण पाए जाएंगे उन्हें तत्काल अन्य लोगों से पृथक किया जाएगा चिकित्सा केंद्र ले जाया जाएगा। यदि व्यक्ति संक्रमित पाया जाता है, तो उसके संपर्क में आए लोगों की पहचान की जाएगी और नियमों के अनुसार आगे की प्रक्रिया की जाएगी।


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