तालिबानी राज में महिलाओं पर हुआ आत्याचार, देखता रहा America! इस रिपोर्ट ने खोले राज

Summary :

Taliban के 2021 में सत्ता में लौटने के बाद अफगानिस्तान में हालात तेजी से बदले हैं। America की निगरानी संस्था स्पेशल इंस्पेक्टर जनरल फॉर अफगानिस्तान रिकंस्ट्रक्शन (SIGAR) ने अपनी 68वीं और अंतिम रिपोर्ट में बीते चार वर्षों की स्थिति को सामने रखा है। यह रिपोर्ट बताती है कि महिलाओं के अधिकारों में कटौती से लेकर, अमेरिकी मदद में भारी कमी जैसे कई गंभीर मुद्दे अफगान समाज को प्रभावित कर रहे हैं। महिलाओं पर सबसे ज्यादा असर रिपोर्ट के मुताबिक तालिबान शासन में महिलाओं और लड़कियों की जिंदगी सबसे ज्यादा प्रभावित हुई है। लड़कियों की स्कूल जाने पर पाबंदी लगा दी…

Taliban के 2021 में सत्ता में लौटने के बाद अफगानिस्तान में हालात तेजी से बदले हैं। America की निगरानी संस्था स्पेशल इंस्पेक्टर जनरल फॉर अफगानिस्तान रिकंस्ट्रक्शन (SIGAR) ने अपनी 68वीं और अंतिम रिपोर्ट में बीते चार वर्षों की स्थिति को सामने रखा है। यह रिपोर्ट बताती है कि महिलाओं के अधिकारों में कटौती से लेकर, अमेरिकी मदद में भारी कमी जैसे कई गंभीर मुद्दे अफगान समाज को प्रभावित कर रहे हैं।

महिलाओं पर सबसे ज्यादा असर

रिपोर्ट के मुताबिक तालिबान शासन में महिलाओं और लड़कियों की जिंदगी सबसे ज्यादा प्रभावित हुई है।

  • लड़कियों की स्कूल जाने पर पाबंदी लगा दी गई है।
  • महिलाओं को कई जगहों से नौकरी से निकाला गया है।
  • सार्वजनिक स्थलों पर उनकी उपस्थिति सीमित कर दी गई है।

इस सबका असर यह हुआ कि महिलाएं न तो स्वतंत्र रूप से बाहर जा सकती हैं और न ही आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर रह पाती हैं। महिलाओं की आजादी और उनके भविष्य पर यह एक बड़ा संकट बन चुका है।

America की आर्थिक मदद में भारी गिरावट

SIGAR की रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि America ने अफगानिस्तान को दी जाने वाली आर्थिक मदद में भारी कटौती कर दी है।

  • साल 2023 में अमेरिका ने अफगानिस्तान को 968 मिलियन डॉलर की मदद दी थी।
  • लेकिन 2025 के लिए यह राशि घटाकर सिर्फ 342 मिलियन डॉलर कर दी गई है।

इसका मतलब है कि दो साल में करीब 66% तक मदद कम कर दी गई है। यह कटौती उन आम अफगान नागरिकों के लिए और भी कठिनाई लाती है जो पहले से ही गरीबी, बेरोजगारी और महंगाई से परेशान हैं।

Taliban ने रिपोर्ट को खारिज किया

हालांकि इस बीच अफगानिस्तान की Taliban सरकार ने इस रिपोर्ट को पूरी तरह स्वीकार नहीं किया है। उनका कहना है कि रिपोर्ट में कुछ बातें सही नहीं हैं। बावजूद इसके, रिपोर्ट में दिए गए आंकड़े और विश्लेषण जमीनी हालात की गंभीरता को दर्शाते हैं।

15 साल की निगरानी का क्या मिला नतीजा?

SIGAR की स्थापना 2008 में अमेरिकी कांग्रेस ने की थी। इसका उद्देश्य था यह देखना कि America से भेजा गया पैसा अफगानिस्तान में सही तरीके से खर्च हो रहा है या नहीं। इन 15 सालों में SIGAR ने बार-बार अफगानिस्तान में भ्रष्टाचार, खराब प्रशासन और सुरक्षा समस्याओं की ओर ध्यान दिलाया।

रिपोर्ट से यह सामने आया कि सहायता का एक बड़ा हिस्सा गलत हाथों में गया। अब तक America अफगानिस्तान को कुल 3.83 अरब डॉलर की सहायता दे चुका है। लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि इन रिपोर्टों का व्यावहारिक असर बहुत सीमित रहा है।

 

 

Amit Kumar

अमित कुमार पिछले 3 सालों से पत्रकारिता के क्षेत्र में काम कर रहे हैं। उन्हें विदेश, बिजनेस, ऑटो, टेक और गैजेट्स से जुड़ी खबरें लिखने का अच्छा अनुभव है। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से बैचलर ऑफ मास कम्युनिकेशन, आईआईएमसी से पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा और उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन विश्वविद्यालय से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की पढ़ाई की है। पत्रकारिता की शुरुआत उन्होंने वेबसाइट पर लिखने से की। इसके बाद इंडिया डेली न्यूज़ चैनल और न्यूज़ इंडिया 24x7 में हिंदी सब-एडिटर के तौर पर काम किया। वर्तमान में वह पंजाब केसरी, दिल्ली में हिंदी सब-एडिटर के पद पर कार्यरत हैं।