रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मंगलवार को कहा कि भारत अपने नागरिकों और साझेदारों को मानवीय सहायता तथा आपदा राहत प्रदान करने की अपनी क्षमता के साथ हिंद-प्रशांत क्षेत्र में एक क्षेत्रीय शक्ति और सुरक्षा प्रदाता के रूप में उभरा है। सिंह ने 28-30 नवंबर के दौरान यहां वायु सेना स्टेशन पर आयोजित किये जा रहे बहु-एजेंसी मानवीय सहायता और आपदा राहत (एचएडीआर) अभ्यास ‘समन्वय 2022’ में भाग लिया।
क्षेत्रीय तंत्र के माध्यम से बहुपक्षीय साझेदारी को मजबूत – रक्षा मंत्री
रक्षा मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा परिकल्पित ‘सागर’ (क्षेत्र में सभी के लिए सुरक्षा और प्रगति) के तहत, भारत प्राकृतिक आपदाओं जैसे खतरों से निपटते हुए क्षेत्र में आर्थिक विकास और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कई भागीदारों के साथ सहयोग कर रहा है। उन्होंने कहा, ‘हमने क्षेत्रीय तंत्र के माध्यम से बहुपक्षीय साझेदारी को मजबूत किया है।’’ सिंह ने कहा कि एशिया, विशेष रूप से हिंद-प्रशांत क्षेत्र, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव के प्रति संवेदनशील है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि ‘समन्वय 2022’ में मित्र राष्ट्रों की भागीदारी से आपदा प्रबंधन क्षमताओं में और वृद्धि होगी।


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