भारत ने करतारपुर गलियारे की आधारशिला रखने के मौके पर ‘कश्मीर’ का मुद्दा उठाने के लिए पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान की कड़ी आलोचना की है और पाकिस्तान से सीमा पार आतंकवाद को समर्थन देना बंद कर अपनी ‘अंतर्राष्ट्रीय जिम्मेदारी ’ को पूरा करने को कहा है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने बुधवार को यहां एक सवाल के जवाब में कहा,‘‘ यह अफसोस की बात है कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने सिख समुदाय की करतारपुर गलियारे की बहुप्रतिक्षित मांग के सिलसिले में आयोजित धार्मिक अवसर को जम्मू कश्मीर का जिक्र कर राजनीतिक रंग देने की कोशिश की। इस कार्यक्रम में कश्मीर का जिक्र बेवजह किया गया क्योंकि जम्मू कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है। ’’
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उन्होंने कहा कि भारत, पाकिस्तान को याद दिलाना चाहता है कि वह अपनी अंतर्राष्ट्रीय जिम्मेदारी को पूरा करे और अपनी जमीन पर सक्रिय आतंकवादी संगठनों को शरण देना बंद कर आतंकवादियों के खिलाफ ठोस कार्रवाई करे। उन्होंने कहा कि भारत सरकार जम्मू कश्मीर पर पाकिस्तान के रूख को भारत के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप के रूप में देखती है।
इमरान खान ने करतारपुर में आयोजित कार्यक्रम में अपने भाषण में कहा था, ‘‘ भारत और पाकिस्तान के बीच केवल एक ही मुद्दा कश्मीर है। मानव चांद पर पहुंच गया है। ऐसा कौन सा मुद्दा है जिसका मनुष्य समाधान नहीं कर सकता। भारत और पाकिस्तान क्या एक मुद्दे (कश्मीर) का समाधान नहीं कर सकते। ’’
करतापुर गलियारे की आधारशिला रखने के लिए आयोजित कार्यक्रम में मोदी सरकार के दो मंत्री श्रीमती हरसिमरत कौर और हरदीप सिंह पुरी भी मौजूद थे। साथ ही पंजाब में कांग्रेस के नेता नवजोत सिंह सिद्धू भी इस मौके पर मौजूद थे।


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