अंतरराष्ट्रीय बाघ दिवस (International Tiger Day) के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को सभी वन्यजीव प्रेमियों को बधाई दी और कहा कि बाघों के लिए सुरक्षित प्राकृतिक वास सुनिश्चित करने तथा उनके अनुकूल पारिस्थितीकी विकसित करने को लेकर भारत प्रतिबद्ध है। पूरे विश्व में प्रतिवर्ष 29 जुलाई को बाघ दिवस मनाया जाता है।
प्रधानमंत्री ने सिलसिलेवार ट्वीट कर कहा कि बाघों के संरक्षण के सिलसिले में भारत की रणनीति में स्थानीय समुदायों को सबसे ज्यादा अहमियत दी जा रही है। हम अपनी सदियों पुरानी परंपरा का भी पालन कर रहे हैं, जो हमें सिखाती है कि हमें जीव-जंतुओं, पेड़-पौधों के संग समरसता के साथ रहना चाहिये, क्योंकि ये सब भी इस धरती पर हमारे साथ ही रहते हैं।
India’s strategy of tiger conservation attaches topmost importance to involving local communities. We are also inspired by our centuries old ethos of living in harmony with all flora and fauna with whom we share our great planet. pic.twitter.com/WSwvPprNuJ
— Narendra Modi (@narendramodi) July 29, 2021
बांघों के संरक्षण के प्रति सचेत लोगों और सभी वन्य जीव प्रेमियों को अंतरराष्ट्रीय बाघ दिवस की शुभकामनाएं देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि बाघों की वैश्विक आबादी का 70 प्रतिशत से अधिक हिस्सा आज भी भारत में निवास करता है। उन्होंने कहा कि बाघों के लिए सुरक्षित प्राकृतिक वास सुनिश्चित करने तथा उनके अनुकूल पारिस्थितीकी विकसित करने को लेकर हम अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हैं।
भारत के 18 राज्यों में 51 बाघ अभियारण्य हैं और वर्ष 2018 की जनगणना के मुताबिक बाघों की आबादी में वृद्धि हुई है।उन्होंने इस अवसर पर याद दिलाया कि बाघ संरक्षण को लेकर सेंट पीटर्सबर्ग घोषणापत्र में जो कार्यक्रम तय किया गया था, उसके मद्देनजर भारत ने बाघों की तादाद दुगुनी करने का लक्ष्य चार साल पहले ही हासिल कर लिया है।


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