कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के कार्यालय तक सत्तारूढ़ माक्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) की छात्र इकाई एसएफआई का विरोध मार्च शुक्रवार को हिंसक हो गया और प्रदर्शनकारियों के एक समूह ने लोकसभा सदस्य के कार्यालय में कथित तौर पर प्रवेश कर तोड़फोड़ की।
अधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, करीब 80-100 कार्यकर्ता थे
पुलिस ने बताया कि स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) के करीब 100 कार्यकर्ता विरोध मार्च में शामिल थे और वे लोग कार्यालय में घुस गए। अधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, करीब 80-100 कार्यकर्ता थे। उनमें से आठ लोगों को अब तक हिरासत में लिया गया है। अधिक संख्या में पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं।’’ छात्र संगठन ने यह आरोप लगाते हुए प्रदर्शन किया कि राहुल गांधी ने केरल के पहाड़ी इलाकों में जंगलों के आसपास ‘बफर जोन’ बनाए जाने के मुद्दे में हस्तक्षेप नहीं किया।
विपक्ष के नेता बोले…
जानकारी के मुताबिक टेलीविजन चैनलों ने प्रदर्शनकारियों के एक समूह द्वारा राहुल गांधी के कार्यालय के अंदर हंगामे की तस्वीरें प्रसारित कीं। विपक्ष के नेता वी. डी. सतीसन ने इस घटना पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि यह हमला अराजकता और गुंडागर्दी को दिखाता है। उन्होंने ट्वीट किया, वायनाड में राहुल गांधी के सांसद कार्यालय पर एसएफआई के गुंडों का भयावह हमला। यह अराजकता और गुंडागर्दी है। माकपा संगठित माफिया में बदल गई है। हम इस हमले की कड़ी निंदा करते हैं।


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