सेना की वर्दी और आईडी पहनकर पहुंचा शख्स, नौकरी दिलाने के नाम पर लोगों से ऐंठता था मोटा पैसा; अब ऐसे हुआ गिरफ्तार

Summary :

यूपी के इटावा के सैफई में स्थित उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय में एक व्यक्ति को लेकर जोरदार हंगामा हुआ। सेना की वर्दी और पहचान पत्र पहनकर पहुंचे एक युवक का एक महिला से जमकर बहस हो गया। महिला ने आरोप लगाया कि नौकरी दिलाने का भरोसा देकर उससे दो लाख रुपये से अधिक लिए गए थे। जब झगड़ा बढ़ गया, तो वहां मौजूद सुरक्षाकर्मियों और अन्य लोगों ने उसे पकड़ लिया। इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है; इसमें दो लोगों के बीच हाथापाई होती दिख रही है। खबरों के मुताबिक, आरोपी के साथ मारपीट…

यूपी के इटावा के सैफई में स्थित उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय में एक व्यक्ति को लेकर जोरदार हंगामा हुआ। सेना की वर्दी और पहचान पत्र पहनकर पहुंचे एक युवक का एक महिला से जमकर बहस हो गया। महिला ने आरोप लगाया कि नौकरी दिलाने का भरोसा देकर उससे दो लाख रुपये से अधिक लिए गए थे। जब झगड़ा बढ़ गया, तो वहां मौजूद सुरक्षाकर्मियों और अन्य लोगों ने उसे पकड़ लिया। इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है; इसमें दो लोगों के बीच हाथापाई होती दिख रही है। खबरों के मुताबिक, आरोपी के साथ मारपीट भी की गई। बाद में उसे पुलिस के हवाले कर दिया गया।

मिले मोबाइल और नकदी

पकड़े गए व्यक्ति की पहचान विजय बहादुर सिंह के तौर पर हुई है। बताया जा रहा है कि वह मैनपुरी ज़िले के करहल पुलिस स्टेशन इलाके के बुझिया गाँव का रहने वाला है। ख़बर है कि उसके पास से पाँच मोबाइल फ़ोन और दो लाख रुपये से ज़्यादा नकद बरामद किए गए। यूनिवर्सिटी प्रशासन को उसके दस्तावेज़ों के संदिग्ध होने और लोगों को नौकरी दिलाने के नाम पर पैसे लेने के आरोप के बारे में शिकायतें मिली थीं। इसी आधार पर सुरक्षाकर्मियों ने उसे पकड़ लिया।

विश्वविद्यालय ने जारी किया नोटिस

यूनिवर्सिटी प्रशासन ने एक प्रेस नोट जारी कर बताया कि वाइस-चांसलर प्रो. डॉ. अजय सिंह के निर्देश पर कैंपस में संदिग्ध गतिविधियों पर नज़र रखी जा रही है। लोगों से अपील की गई है कि वे नौकरी देने का दावा करने वाले अनजान लोगों को पैसे न दें और उनके दस्तावेज़ों की जांच-पड़ताल कर लें। स्टेशन हाउस ऑफिसर भूपेंद्र राठी के अनुसार, पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि वह किससे मिलने आया था और किसे पैसे सौंपने वाला था। जांच के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

Shivangi Shandilya

शिवांगी शांडिल्य पत्रकारिता में पिछले 2 वर्षों से सक्रिय हैं। राजनीति, विदेश, क्राइम के अलावा आद्यात्मिक खबरें लिखना पसंद हैं। गलगोटिया विश्वविद्यालय से बैचलर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई पूरी की है। IGNOU से मास्टर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई जारी है। इस दौर में वेबसाइट पर लिखने का कार्य जारी है। पत्रकारिता की शुरुआत इंडिया न्यूज़ (इनखबर) से हुई, जहां बत्तौर हिन्दी सब-एडिटर के रूप में वेबसाइट पर काम किया। वर्तमान में पंजाब केसरी दिल्ली में हिन्दी सब-एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं। बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में जन्म लेने वाली शिवांगी की शिक्षा उनके गृह जिले में ही हुई है। शिवांगी को राजनीतिक घटनाक्रम पर आलेख लिखना बेहद पसंद है।