कोरोना महामारी के खिलाफ देश और दुनिया में जंग जारी है। लोगों को जल्दी से जल्दी वैक्सीन लगाकर इस संक्रमण के खिलाफ लड़ाई जीतने की कोशिश की जा रही है। इस बीच भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के महानिदेशक डॉ बलराम भार्गव ने शुक्रवार को कहा कि गर्भवती महिलाओं को कोविड-19 का टीका लगाया जा सकता है, लेकिन बच्चों को यह टीका लगाने के विषय पर फैसला करने के लिए और अधिक आंकड़ों की जरूरत होगी।
उन्होंने संवाददाता सम्मेलन के दौरान कहा, ‘‘स्वास्थ्य मंत्रालय ने यह दिशानिर्देश दिया है कि वे (कोविड के टीके) गर्भवती महिलाओं को लगा सकते हैं। हमने अपने आईसीएमआर प्रैगकोविड रजिस्ट्री से यह भी प्रदर्शित किया है कि टीकाकरण गर्भवती महिलाओं के लिए उपयोगी है और यह दिया जाना चाहिए।’’
दरअसल,आईसीएमआर प्रमुख से बच्चों और महिलाओं के टीकाकरण पर एक सवाल किया गया था। भार्गव ने कहा कि पर्याप्त आंकड़े उपलब्ध होने तक बच्चों को कोविड-19 की खुराक दिया जाना अब भी चर्चा का विषय है। उन्होंने कहा कि विश्व में अमेरिका ही एकमात्र देश है जो इस वक्त बच्चों को यह टीका लगा रहा है।
उन्होंने कहा कि क्या बहुत छोटे बच्चों को भी टीके की जरूरत है, यह अब भी एक सवाल है। भार्गव ने कहा, ‘‘बच्चों को टीकाकरण पर जब तक हमारे पास पर्याप्त आंकड़े उपलब्ध नहीं होंगे, हम बच्चों का टीकाकरण करने की स्थिति में नहीं होंगे।
हालांकि, हमने 2-18 वर्ष की आयु के बच्चों पर एक अध्ययन शुरू कर दिया है और हमारे पास सितंबर-अक्टूबर तक इस बारे में नतीजें होंगे, तब हम कोई फैसला कर सकेंगे।’’ उन्होंने कहा कि हालांकि अंतरराष्ट्रीय अध्ययन एवं विशेषज्ञ बच्चों को कोविड का टीका लगाये जाने की जरूरत पर अब भी बहस कर रहे हैं। भार्गव ने कहा, ‘‘बच्चों का टीकाकरण किये जाने पर अमेरिका में हमने कुछ समस्याएं देखी हैं।’’


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