केंद्रीय मंत्री नित्यानंद राय ने हिमालयी क्षेत्र में चीन-भारत मोर्चे पर हाल में हुई सैन्य कार्रवाई का उल्लेख करते हुए गुरुवार को कहा कि भारतीय सैनिकों ने पड़ोसी देश की ‘विस्तारवादी’ गतिविधियों का मुंहतोड़ जवाब दिया और यह इस तथ्य को रेखांकित करता है कि भारत अपनी संप्रभुता और सुरक्षा से कभी समझौता नहीं करेगा।
हमारे सैनिकों ने कुछ दिन पहले हमारे पड़ोसी देश की विस्तारवादी गतिविधियों का मुंहतोड़ जवाब दिया
राष्ट्रीय राजधानी के चाणक्यपुरी स्थित राष्ट्रीय पुलिस स्मारक (एनपीएम) में पुलिस स्मरणोत्सव दिवस के दौरान गृह राज्य मंत्री ने कहा कि भारत-चीन वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) की सुरक्षा में जुटी आईटीबीपी ने इस कार्रवाई के दौरान ‘महत्वपूर्ण योगदान’ दिया। उन्होंने कहा, ‘‘हमारे सैनिकों ने कुछ दिन पहले हमारे पड़ोसी देश की विस्तारवादी गतिविधियों का मुंहतोड़ जवाब दिया है और उनके प्रयास को सफलतापूर्वक नाकाम कर दिया है। इससे यह संदेश गया कि भारत अपनी संप्रभुता और सुरक्षा से कभी समझौता नहीं करेगा।’’
हमेशा ‘‘राष्ट्र विरोधी शक्तियों’’ द्वारा पेश की गई चुनौतियों का सामना करते रहे हैं पुलिस बल
उन्होंने किसी देश का नाम तो नहीं लिया, लेकिन उनका इशारा चीन तथा लद्दाख एवं अन्य क्षेत्रों में दोनों देशों के बीच एक साल से अधिक समय तक जारी सैन्य गतिरोध की ओर था। राय ने पुलिस बलों की बहादुरी और वीरता की सराहना करते हुए कहा कि वे हमेशा ‘‘राष्ट्र विरोधी शक्तियों’’ द्वारा पेश की गई चुनौतियों का सामना करते रहे हैं। भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) की प्रशंसा करते हुए राय ने कहा कि 3,488 किलोमीटर लंबी एलएसी की रक्षा करने वाले इस बल ने चीन के मोर्चे पर इस कार्रवाई में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
एनडीआरएफ जैसी विशेष इकाइयां आपदा के दौरान “मदद का हाथ बढ़ाने” में सबसे आगे रहती हैं
मंत्री ने कहा कि पुलिस बल और राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) जैसी विशेष इकाइयां आपदा के दौरान “मदद का हाथ बढ़ाने” में सबसे आगे रहती हैं तथा इस क्षेत्र में उनकी क्षमताओं को और मजबूत करने की आवश्यकता है।’’ उन्होंने कहा कि भारत हर तरह से मजबूत हुआ है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में मनोबल बढ़ा है।
2,458 पुलिसकर्मियों की मौत कोरोना वायरस संक्रमण के कारण हुई
उन्होंने कर्तव्य की बलिवेदी पर चढ़ने वाले कर्मियों के सम्मान में पुलिस स्मारक पर माल्यार्पण भी किया। इस अवसर पर उनके सहयोगी गृह राज्य मंत्री अजय कुमार मिश्रा और विभिन्न पुलिस संगठनों एवं बलों के प्रमुख भी मौजूद थे। खुफिया ब्यूरो (आईबी) के निदेशक अरविंद कुमार ने कुछ नामों और आंकड़ों को पढ़कर बताया कि पिछले वर्ष के दौरान कार्रवाई में 377 राज्य पुलिस और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) के जवान शहीद हो गये थे। उन्होंने बताया कि 2,458 पुलिसकर्मियों की मौत कोरोना वायरस संक्रमण के कारण हुई।
प्रत्येक पुलिसकर्मी का बलिदान और समर्पण हमें राष्ट्र की सेवा करने के लिए प्रेरित करता है
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने एक ट्विटर संदेश में कहा कि अपने प्राणों की आहुति देने वाले बहादुर पुलिस कर्मियों को यह राष्ट्र नमन करता है। शाह ने कहा, ‘‘यह पुलिस बल साहस, संयम और परिश्रम का अद्भुत उदाहरण है। प्रत्येक पुलिसकर्मी का बलिदान और समर्पण हमें राष्ट्र की सेवा करने के लिए प्रेरित करता है।’’ उन्हें यहां एनपीएम कार्यक्रम में शामिल होना था, लेकिन हाल ही में हुई बारिश और बाढ़ के प्रकोप का जायजा लेने के लिए वह उत्तराखंड की यात्रा पर हैं। भारी बारिश और बाढ़ के कारण अब तक कम से कम 52 लोगों की जान जा चुकी है।


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