संसदीय समिति ने दिया बड़ा सुझाव, चुनाव लड़ने की उम्र की जाए 18 साल

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शुक्रवार के दिन संसदीय समिति ने लोकसभा और विधानसभा चुनाव लड़ने की आयु को न्यूनतम 18 वर्ष करने की सिफारिश की। चुनावी ढाँचे के हिसाब से करते तो लोकसभा चुनाव लड़ने की न्यूनतम आयु 25 वर्ष है।

भारत में चुनाव लड़ने की समय सीमा 25 वर्ष है।  जहां यदि कोई व्यतक्ति चुनाव लड़ना चाहता है तो वो 25 वर्ष की उम्र  लड़ने में सक्षम हो पाता है।  लेकिन वोट डालने की उम्र 18 वर्ष है।  जिसको लेकर संसदीय समिति ने एक बड़ा सुझाव दिया है।  जहां चुनाव लड़ने की उम्र सीमा को लेकर एक बड़ी बात कही गयी।  जी हाँ हम बात कर रहे हैं चुनाव लड़ने की उम्र को 25 साल से घटाकर 18 साल करने की।  इस सुझाव से संसदीय समिति यह कहना चाहती थी की युवाओं को भी लोकतंत्र में आने का मौका मिलेगा।  
संसदीय समिति ने दिया सुझाव 
शुक्रवार के दिन संसदीय समिति ने लोकसभा और विधानसभा चुनाव लड़ने की आयु को न्यूनतम 18 वर्ष करने की सिफारिश की।  चुनावी ढाँचे की बात करते तो लोकसभा चुनाव लड़ने की न्यूनतम आयु 25 वर्ष है।  वहीँ राज्य और राजयसभा का सदस्य बनने के लिए न्यूनतम आयु 30 वर्ष है।  जिसको लेकर अब चुनाव आयोग को सुझाव दिया गया।  अभी देश में चुनाव में वोट डालने की आयु 18 वर्ष है।  जिसको लेकर संसद में नए कानून बनाने की राय रखी ।  
पक्ष में नहीं है चुनाव आयोग 
कानून और इससे जुड़े कई मामलों पर संसदीय समिति ने लोकसभा चुनाव को लड़ने के लिए उम्र 25 को घटाकर 18 वर्ष करने कीा सुझाव दिया है. जिसमें उन्होंने  कनाडा, ब्रिटेन और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों का हवाला दिया , और इस बात को रखते हुए भारत में भी यही कानून लागू करने के लिए कहा।  लेकिन चुनाव आयोग इसके पक्ष में नहीं है, उन्होंने इसपर पहले ही विचार और विमर्श कर लिया है। चुनाव  आयोग ने पाया था कि 18 वर्ष की उम्र में चुनाव लड़ने के लिए अनुभव परिपक्वता का उम्मीद रखना अवास्तविक है।  

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