भारतीय रेल ट्रैक दुनिया का सबसे बड़ा रेल ट्रैक है। लेकिन कुछ साल पहले तक इनकी हालत काफी ख़राब नज़र आ रही थी। फिर चाहे वो ट्रैन के डिब्बों की हो या फिर ट्रैन में मौजूद शौचालयों की। जिसके कारण कई व्यक्तियों ने ट्रैन से सफर करना ही बंद कर दिया था। लेकिन इसमें बदलाव लाने के लिए भारत सरकार बड़े-बड़े कदम है, फिर चाहे वो वन्दे भारत ट्रैन को भारतीय पटरियों पर चलाना हो या फिर अमृत भारत स्टेशनों की अब तैयारी करना हो। सरकार हर वो कोशिश कर रही है जिस कारण देश में रेलवे के बिगड़ते हालातों से राहत मिल सके।
स्टेशनों का होगा चयन
हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सपना साकार हुआ था, जी हाँ हम उसी वन्दे भारत ट्रैन की बात कर रहे हैं जिसका सपना भारत सरकार ने कई सालों पहले देखा। लेकिन अब अब देश के प्रधानमंत्री एक ही जगह से भारतीय रेलवे के चिन्हित अमृत भारत स्टेशनों की आधारशिला रखेंगे। जिसको लेकर जगह-जगह समारोह की तैयारी की जा रही है। यही नहीं इस आधारशिला को रखने के बाद क्रमानुसार रेलवे स्टेशनों का पुनर्निर्माण शुरू हो जाएगा। सबसे पहले ये निर्माण गोरखपुर रेलवे स्टेशन का होगा। ये शिलान्यास कहाँ से होगा अभी इस बारे में कोई भी जानकारी नहीं मिली है। लेकिन प्रशासन का कहना है की जल्द ही स्टेशनों के निर्माण की सूची जल्द ही चयन की जायेगी।
1275 स्टेशन अमृत भारत के लिए चिह्नित हुए
पूर्वोत्तर में ऐसे 55 स्टेशन हैं जिनको पुनर्निर्माण के लिए चयन किया गया है। वहीँ कुल 1275 स्टेशन ऐसे हैं जिनके निर्माण का काम जल्द से जल्द पूरा किया जाएगा। बता दें की रेल मंत्रालय ने इस निर्माण कार्य की लागत के लिए बजट को भी तैयार कर लिया है। बता दें की अमृत काल के दौरान विकसित किये गए छोटे स्टेशनों को “अमृत भारत” का नाम दिया गया है। बड़े रेलवे स्टेशनों की तरह ही आने वाले 50 वर्षों को ध्यान में रखते हुए छोटे स्टेशनों का निर्माण किया जाएगा।


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