प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी रविवार को अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी को 1200 करोड़ रुपये से अधिक की 40 विकास परियोजाओं की सौगात देने पहुंचे। मोदी वायुसेना के विशेष विमान से यहां बाबतपुर हवाई अड्डा पहुंचे जहां उनका स्वागत राज्यपाल आनंदी बेन पटेल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्या, केंद्रीय मंत्री डॉ. महेंद, नाथ पांडेय आदि नेताओं ने गुलदस्ता भेंट कर किया।
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प्रधानमंत्री मोदी ने पंडित दीन दयाल उपाघ्याय की 63 फीट ऊंची प्रतिमा का भी अनावरण किया।
प्रधानमंत्री मोदी ने वाराणसी में करीब 12 सौ करोड़ रुपये की 50 विभिन्न परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण किया।
-प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को कहा कि भारत की सही पहचान को भावी पीढ़ी तक पहुंचाने का दायित्व हम पर है और देश सिर्फ सरकार से नहीं बनता, बल्कि प्रत्येक नागरिक के संस्कार से बनता है। एक नागरिक के रूप में हमारा आचरण ही नये भारत की दिशा तय करेगा।
अपने संसदीय निर्वाचन क्षेत्र वाराणसी के एकदिवसीय दौरे पर पहुंचे प्रधानमंत्री मोदी ने जंगमबाड़ी मठ में आयोजित श्री जगदगुरु विश्वराध्य गुरुकुल के शताब्दी समारोह के समापन पर कहा कि भारत में राष्ट्र का यह मतलब कभी भी जीत हार नहीं रहा।
उन्होंने कहा कि हमारे यहां राष्ट्र सत्ता से नहीं बल्कि संस्कृति और संस्कारों से सृजित हुआ है। यह निवासियों के सामर्थ्य से बना है। ऐसे में भारत की सही पहचान को भावी पीढ़ी तक पहुंचाने का दायित्व हम पर है। देश सिर्फ सरकार से नहीं बनता, बल्कि प्रत्येक नागरिक के संस्कार से बनता है। एक नागरिक के रूप में हमारा आचरण ही नये भारत की दिशा तय करेगा।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि वीरशैव परम्परा के सभी साथियों के साथ जुड़ना अत्यन्त प्रसन्नता का विषय है। यह परम्परा वीर शब्द को आध्यात्म से जोड़ती है। जो विरोध की भावना से उपर उठ गया है वही वीरशैव है। यही कारण है कि समाज को बैर, विरोध और विकार से बाहर निकालने में वीरशैव का आग्रह और प्रखर नेतृत्व रहा है।
उन्होंने श्री सिद्धान्त शिखमणी ग्रन्थ के 19 भाषाओं में अनुदित संस्करण और इसके मोबाइल एप्लिकेशन का विमोचन किया। उन्होंने कहा कि इस ग्रंथ को 21वीं सदी का रूप देने के लिये वह विशेष अभिनन्दन करते हैं। भक्ति से मुक्ति का मार्ग दिखाने वाले इस दर्शन को भावी पीढ़ी तक पहुंचाया जाना चाहिये। एक मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से यह दर्शन युवाओं तक पहुंचकर उन्हें प्रेरणा देगा।
उन्होंने सुझाव दिया कि आगे चलकर इस ऐप के माध्यम से ग्रंथ पर हर वर्ष क्विज प्रतियोगिता होनी चाहिए और प्रत्येक राज्य से शीर्ष तीन प्रतिभागियों को इनाम दिया जाना चाहिये।
प्रधानमंत्री ने जल संरक्षण में लोगों के योगदान के महत्व का जिक्र करते हुए कहा कि हमें पानी की बचत और उसके पुनर्संचयन पर ध्यान देना होगा। घर हों, खेत हों या दूसरे स्थान हों हमें पानी बचाने पर ध्यान देना है। देश में इतने बड़े अभियान को सिर्फ सरकार नहीं चला सकती। इनकी सफलता के लिये जनभागीदारी जरूरी है। भारत को जलयुक्त और सूखामुक्त करने में प्रत्येक नागरिक का योगदान महत्वपूर्ण है।
उन्होंने कहा कि ‘नमामि गंगे’ की सफलता में भी जनभागीदारी की बड़ी भूमिका है। इसके तहत 60 हजार करोड़ रुपये की परियोजनाओं पर काम हो चुका है। वहीं, 21 हजार करोड़ की परियोजनाओं पर काम हो रहा है।
मोदी ने स्वेदशी अपनाने पर जोर देते हुए कहा कि देश में बना सामान, हमारे बुनकरों और हस्तशिल्पियों के बनाए सामान का इस्तेमाल करें। सभी से आग्रह है कि आप स्थानीय स्तर पर बनी वस्तुएं खरीदें। हमारे देश में विश्वस्तरीय उत्पादन हो रहा है, हमें यह मानसिकता बदलनी होगी कि विदेशी में बनी वस्तुएं श्रेष्ठ गुणवत्ता की होती हैं।
अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के संदर्भ में प्रधानमंत्री ने कहा कि आज देश में ऐसे फैसले हो रहे हैं, उन पुरानी समस्याओं का समाधान किया जा रहा है, जिनकी किसी ने कल्पना नहीं की थी। राम मंदिर विवाद दशकों से अदालतों में उलझा हुआ था, लेकिन अब मंदिर निर्माण का रास्ता साफ हो गया है।
उन्होंने कहा कि यह पूज्य संतों के आशीर्वाद से हुआ है। अयोध्या में सरकार द्वारा अधिग्रहीत 67 एकड़ जमीन नवगठित ट्रस्ट को सौंप दी जाएगी।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जंगमवाड़ी मठ में मौजूद संतों को संबोधित करते हुए में कहा : देश सिर्फ सरकार से नहीं बनता, बल्कि एक-एक नागरिक के संस्कार से बनता है। एक नागरिक के रूप में हमारा आचरण ही नये भारत की दिशा तय करेगा
नरेंद्र मोदी ने श्री जगद्गुरु विश्वराध्य गुरुकुल के शताब्दी समारोह के समापन समारोह में भी भाग लिया और 19 भाषाओं में श्री सिद्धान्त शिखमणी ग्रन्थ के अनुदित संस्करण और इसके मोबाइल एप्लिकेशन का विमोचन किया।
इस दौरान उनके साथ कर्नाटक के मुख्यमंत्री बी. एस. येदियुरप्पा भी मौजूद थे। उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदी बेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी उपस्थित थे।
प्रधानमंत्री वाराणसी के इस एक दिवसीय दौरे पर 430 बिस्तरों वाले सुपर स्पेशियलिटी सरकारी अस्पताल सहित 30 से अधिक परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे।
प्रधानमंत्री प्राचीन जंगमबाड़ मठ में दर्शन-पूजन के बाद अपने दौरे की शुरुआत की। वह श्री जगदगुरू विश्वाराध्य गुरूकुल के शताब्दी समापन समारोह में भाग लेंगे। समारोह में श्री सिद्धांत शिखामणि ग्रंथ के 19 भाषाओं में अनुदित संस्करण एवं इस के मोबाईल ऐप का भी विमोचन का कार्यक्रम है।
नरेंद्र मोदी जंगमबाड़ मठ में छठी शताब्दी के ताम्रपत्रों में दर्ज इतिहास का अवलोकन करेंगे। मठ में कार्यक्रम के समापन के बाद प्रधानमंत्री वाराणसी-चंदौली सीमा पर पड़वा क्षेत्र में स्वयंसेवक संघ के चिंतक एवं अध्यक्ष रहे पंडित दीन दयाल उपाध्याय की अब तक की सबसे बड़ प्रतिमा का अनावरण करेंगे और बाद में देश की तीसरी निजी ट्रेन ‘महाकाल एक्सप्रेस ट्रेन’ राष्ट्र को समर्पित करेंगे।
इसके बाद श्री मोदी बड़लालपुर स्थित पंडित दीन दयाल हस्तकला संकुल में‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट’ उत्पाद की दो दिवसीय प्रदर्शनी का उद्घाटन करेंगे। इसके बाद वह हस्तशिल्पयों तथा इसे जुड़ विदेशों से आये प्रतिनिधियों से सीधा संवाद करेंगे।


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