सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने बीजेपी नेता सुब्रमण्यम स्वामी (BJP Leader Subramanian Swamy) की याचिका पर रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) और केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) को जवाब दाखिल करने लिए और वक्त दिया है। याचिका में बीजेपी नेता ने बैंक लोन धोखाधड़ी मामलों में RBI के नामित निदेशक की भूमिका की CBI जांच की मांग की है।
न्यायमूर्ति बीआर गवई और न्यायमूर्ति विक्रम नाथ की पीठ ने कहा कि यह मामले की सुनवाई छह हफ्ते के बाद करेगी। सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को 17 अक्टूबर को नोटिस जारी किया था। स्वामी ने आरोप लगाया है कि विभिन्न कंपनियों जैसे कि किंगफिशर, बैंक ऑफ महाराष्ट्र और यश बैंक से जुड़े घोटालों में आरबीआई अधिकारियों की संलिप्तता की जांच नहीं की गई है।
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उन्होंने दलील दी कि विभिन्न परियोजनाओं के लिए कोष आवंटन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के बावजूद सीबीआई जांच के दौरन आरबीआई के नामितों को वर्ष 2000 से अब तक छुआ तक नहीं गया है। याचिका में कहा गया, ‘‘आरबीआई के पास निगरानी, विनियमन और ऑडिट करने समेत देश की सभी बैंकिंग कंपनियों के संचालन को निर्दिष्ट करने की शक्ति है, इसके बावजूद आरबीआई के एक भी पदाधिकारी को न्याय के कठघरे में नहीं लाया गया है।’’


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