ट्विटर ने दी सफाई, कहा- छह महीने तक निष्क्रिय रहने या अकाउंट अधूरा रहने के बाद हटाया गया ब्लू बैज

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उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू और आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के ब्लू टिक चिह्न हटाए जाने के बाद छिड़े विवाद में ट्विटर ने शनिवार को कहा कि अगर अकाउंट अधूरा है या छह महीने तक निष्क्रिय रहता है तो नियमों के तहत ब्लू बैज अपने आप हट जाता है।

उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू और आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के ब्लू टिक चिह्न हटाए जाने के बाद छिड़े विवाद में ट्विटर ने शनिवार को कहा कि अगर अकाउंट अधूरा है या छह महीने तक निष्क्रिय रहता है तो नियमों के तहत ब्लू बैज अपने आप हट जाता है। उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू के निजी अकाउंट पर ब्लू बैज को शनिवार की सुबह ट्विटर ने हटा दिया था और बाद में इसे बहाल कर दिया।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत के निजी अकाउंट में भी ब्लू बैज नहीं था और इसे बाद में बहाल कर दिया गया। संघ की कई अन्य प्रमुख हस्तियों जैसे सुरेश जोशी और अरूण कुमार के साथ भी ऐसा ही हुआ। ट्विटर ने शनिवार को कहा कि इसकी सत्यापन नीति के तहत अगर अकाउंट निष्क्रिय हो जाता है या अधूरा है तो माइक्रोब्लॉगिंग मंच स्वत: ब्लू बैज को हटा देता है। ट्विटर ने कहा, ‘‘निष्क्रियता लॉग इन से संबद्ध है। अकाउंट को सक्रिय रखने के लिए व्यक्ति को छह महीने में कम से कम एक बार लॉग इन करना जरूरी है।’’
नियमों के तहत अकाउंट वाले लोगों को सुनिश्चित करना चाहिए कि उनका प्रोफाइल पूर्ण है और उसमें या तो सत्यापित ई-मेल या फोन नंबर के साथ ही प्रोफाइल फोटो और नाम शामिल हो। बहरहाल, ट्विटर नियमों के तहत अकाउंट का ब्यौरा या नंबर खुलासा नहीं करता है। ‘‘ब्लू बैज’’ से अकाउंट की प्रामाणिकता का पता चलता है।

Desk Team