केंद्र एवं बिहार में सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) से अलग होने के बाद राष्ट्रीय लोक समता पार्टी (रालोसपा) गुरुवार को औपचारिक रूप से संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन का हिस्सा बन गयी। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अहमद पटेल ने उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी का संप्रग में स्वागत करते हुए संवाददाताओं से कहा, ‘‘बिहार में पहले से गठबंधन था और आज उसमें उपेंद्र कुशवाहा जी शामिल हुए हैं। हम उनका स्वागत करते हैं।’’
महागठबंधन में शामिल होने के बाद उपेंद्र कुशवाह ने कहा, हमने कहा था कि हमारे पास कई विकल्प हैं और यूपीए उनमें से एक था। कुशवाहा ने कहा, 2014 में एनडीएम में शामिल हुआ था और लोकसभा चुनाव से पहले पीएम पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी ने वादा किया था कि पढ़ाई, दवाई और कमाई के लिए बिहार से बाहर नहीं जाना होगा। लेकिन नौजवान आज भी बड़ी संख्या में बाहर जा रहे हैं। कथनी और करनी में बहुत फर्क देखा।
राहुल गांधी और लालू यादव की तारीफ करते हुए उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि उनका एनडीए में अपमान किया जा रहा था। उन्होंने कहा कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने उन्हें नीच कहकर अपमानित किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी और लालू जी ने उदारता दिखाई।सरकार में रहते हुए कई बार मामला उठाया लेकिन उसके बाद उन्होंने मुझे बर्बाद करने की कोशिश की। हमारी सीटें कम की गई।
उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि शिक्षा की जो हमारी मांग है उसमें आरजेडी ने हमारा साथ दिया है। दो फरवरी को हम इसके खिलाफ रैली करने जा रहे हैं। उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि राहुल गांधी ने किसानों का कर्ज माफी का वादा किया था और सरकार बनने के बाद पहला किसानों की कर्ज माफी का किया।
कांग्रेस के बिहार प्रभारी शक्ति सिंह गोहिल ने कहा, ‘‘बिहार और देश की चिंता करते हुए कुशवाहा जी ने राजग से नाता तोड़ा और आज हमारे साथ जुड़ रहे हैं। उन्होंने बिहार और पिछड़े एवं अति पिछड़े वर्ग के लोगों के हित में यह फैसला किया है। हम अपने परिवार में तहेदिल से उनका स्वागत करते हैं।’’
इस मौके पर पटेल, गोहिल, लोकतांत्रिक जनता दल (लोजद) नेता शरद यादव, राजद नेता तेजस्वी यादव और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी मौजूद थे। राजद नेता तेजस्वी यादव ने कुशवाहा को बधाई देते हुए कहा कि सभी दल ‘देश और संविधान बचाने’ के लिए एकजुट हुए हैं।
रालोसपा प्रमुख और पूर्व केंद्रीय मंत्री कुशवाहा ने हाल ही में नरेंद्र मोदी सरकार से इस्तीफा दिया था और अपनी पार्टी के राजग से अलग होने की घोषणा की थी। राजग से अलग होने के बाद से ही इसकी संभावना व्यक्त की जा रही थी कि कुशवाहा बिहार में आगामी लोकसभा चुनाव कांग्रेस, राजद तथा जीतनराम मांझी की पार्टी ‘हम’ के साथ मिलकर लड़ सकते हैं। कुछ दिनों पहले ही कुशवाहा ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अहमद पटेल से मुलाकात की थी।


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