उत्तर प्रदेश के अमेठी जिले की मोहनगंज पुलिस ने महिला हेल्प डेस्क प्रभारी रश्मि यादव की मौत के लिए कथित रूप से जिम्मेदार आरोपी को मंगलवार को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। पुलिस ने इसकी जानकारी दी।
अमेठी जिले के मोहनगंज थाने में तैनात दारोगा और महिला हेल्पडेस्क प्रभारी रश्मि यादव का शव शुक्रवार को संदिग्ध परिस्थितियों में थाना परिसर में बने सरकारी आवास के कमरे में फंदे से लटका मिला था ।
पुलिस अधीक्षक दिनेश सिंह ने बताया कि इस मामले में वांछित अभियुक्त सुरेन्द्र सिंह उर्फ रिशू को अलीगढ से मंगलवार को गिरफ्तार किया गया ।
उन्होंने बताया कि रश्मि यादव के पिता मुन्ना लाल यादव ने थाना मोहनगंज पर लिखित तहरीर दी थी कि मेरी पुत्री रश्मी यादव थाना मोहनगंज में प्रभारी महिला चौकी पद पर तैनात थी ।
पिता ने अपने तहरीर में कहा है कि इससे पूर्व मेरी बेटी बहराइच जनपद में प्राइमरी स्कूल में अध्यापिका थी वहीं पर उसकी जान पहचान डायट मे कार्यरत सुरेन्द्र सिंह उर्फ रिशू निवासी जनपद अलीगढ से हुई ।
पिता ने तहरीर में कहा था कि सुरेन्द्र सिंह उर्फ रिशू मेरी बेटी को सामने मिलकर व मोबाइल फोन से वार्ता के दौरान अपमान जनक बातें बोलता था और परेशान करता था जिससे क्षुब्ध होकर मेरी बेटी ने 22 अप्रैल को थाना मोहनगंज स्थित आवास में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी ।
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि इस सूचना पर थाना मोहनगंज मे मुकदमा दर्ज किया गया था और आरोपी को अलीगढ से गिरफ्तार कर लिया गया ।
पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने रविवार को रश्मि के लखनऊ स्थित आवास पर जाकर उनके परिजन से मुलाकात की थह और समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख ने न्यायालय से जातिगत मानसिक उत्पीड़न की वजह से घटी इस घटना का संज्ञान लेने का आग्रह किया था ।


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