उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (यूपीएसआरटीसी) ने धार्मिक पर्यटन सर्किट के तौर पर नेपाल स्थित जनकपुर धाम तक बसों के संचालन के लिये एक सहमति पत्र (एमओयू) पर हस्ताक्षर किये हैं। यूपीएसआरटीसी के प्रबन्ध निदेशक राजशेखर ने बताया कि सोमवार को परिवहन निगम और जनकपुर धाम की मेसर्स श्री मातारानी यातायात समिति के बीच यह एमओयू हुआ।
उन्होंने बताया कि भारत-नेपाल सीमापारीय परिवहन सुविधा समझौते 2014 के तहत जनकपुर धाम से अयोध्या के बीच एक नया रूट बनाया गया था। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और उनके नेपाली समकक्ष के पी शर्मा ओली ने मई 2018 में इस बस सेवा की शुरुआत की थी।
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शेखर ने बताया कि परिवहन निगम ने इस रूट पर लखनऊ से तो बस सेवा शुरू कर दी थी लेकिन नेपाली सरकार द्वारा अपने यहां का कोई बस आपरेटर नहीं चुने जाने की वजह से वापस लौटने की बस सेवा शुरू नहीं हो सकी थी।
अब किये गये एमओयू के तहत लखनऊ से जनकपुर धाम के लिये सुबह सात बजे और अयोध्या से सुबह आठ बजे बस सेवा शुरू होगी। इस रूट को धार्मिक पर्यटन सर्किट के तौर पर तैयार किया गया है जो भगवान राम की जन्मस्थली अयोध्या और उनके विवाहस्थल जनकपुर को जोड़ता है।


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