उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने दावा किया है कि आगामी 23 मई को लोकसभा चुनाव के परिणाम घोषित होने के बाद सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव अपने गठबंधन की साथी बसपा प्रमुख मायावती को ‘धोखा’ देंगे और भाजपा एक बार फिर बसपा नेता की मदद करेगी।
मौर्य ने कहा कि सपा ने कभी दलितों को वाजिब सम्मान नहीं दिया। वर्ष 1995 में जब मायावती पर सपा के नेताओं ने राज्य अतिथिगृह में जान से मारने के लिये हमला किया था तब भाजपा ने ही उन्हें बचाया था। अब अखिलेश यादव 23 मई के बाद मायावती को धोखा देंगे और भाजपा एक बार फिर बसपा प्रमुख की मदद करेगी।
मौर्य ने कहा ”मायावती जब भी मुसीबत में होती हैं, तब भाजपा उनकी मदद करती है। भविष्य में भी वह ऐसा करना जारी रखेगी।” उन्होंने अखिलेश पर हमला करते हुए कहा कि जब वह अपने पिता मुलायम सिंह यादव और चाचा शिवपाल सिंह यादव के नहीं हुए तो मायावती के कैसे होंगे।
गठबंधन करके और कमजोर हो गए हैं अखिलेश और मायावती : केशव प्रसाद मौर्य
मौर्य ने सपा-बसपा-रालोद महागठबंधन को ‘अवसरवादी’ करार देते हुए कहा कि आने वाले वक्त में यह आपसी मतभेदों की वजह से खुद ही खत्म हो जाएगा। मायावती द्वारा रविवार को देवबंद में मुस्लिम मतदाताओं से की गयी खास अपील पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा कि बसपा प्रमुख का यह बयान स्पष्ट करता है कि वह दलितों को सिर्फ वोट बैंक की तरह इस्तेमाल करती हैं। जहां तक मुसलमानों का सवाल है तो वे भी सपा-बसपा-रालोद गठबंधन की असलियत जान गये हैं।
भाजपा को दलितों की हितैषी बताते हुए उप मुख्यमंत्री ने कहा कि कुम्भ में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सफाईकर्मियों को उचित सम्मान देने के लिये उनके पांव धोये थे। लोकसभा चुनाव में कांग्रेस की सम्भावनाओं के बारे में पूछे जाने पर मौर्य ने कहा कि बड़े-बड़े दावे कर रही कांग्रेस और भी कमजोर हो जाएगी। उन्होंने दावा किया कि उत्तर प्रदेश में भाजपा 80 में से 74 से ज्यादा सीटें जीतेगी और नरेन्द्र मोदी फिर प्रधानमंत्री बनेंगे।


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