उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी सपा नेता अखिलेश यादव ने अगले साल यूपी विधानसभा चुनावों को लेकर एक बड़ा बयान दिया है। अखिलेश ने कहा कि इस बार के विधानसभा चुनाव में सपा छोटे दलों से भी गठबंधन करके चुनाव में उतरेगी। उन्होेंने कहा कि चाचा का संगठन भी छोटा है, उससे भी गठबंधन होगा। औरैया, इटावा, कन्नौज, फर्रुखाबाद और आसपास के जिलों में इस बार भाजपा का खाता नहीं खुलने देंगे।
सरकार की नीतियों से किसान, महिलाएं, युवा सब नाराज हैं, सबने भाजपा सरकार को उखाड़ फेंकने का मन बना लिया है। औरैया के बाबरपुर में कार्यकर्ताओं से मिलने पहुंचे अखिलेश यादव ने महंगाई के लिए सरकार पर निशाना साधा। मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि डीजल-पेट्रोल की कीमतें बढ़ी तो महंगाई भी आसमान में पहुंच गई। नौजवानों के पास काम नहीं है, अब वह भाजपा से जानना चाहते हैं कि जो वायदे उनसे किए गए थे वह पूरे क्यों नहीं हुए।
अखिलेश यादव ने कहा कि किसानों की मेहनत की बदौलत अर्थव्यवस्था थोड़ी बहुत बची है लेकिन भाजपा सरकारें उनको भी चैन ने नहीं बैठने दे रहीं, नए कानून बनाकर जमीन छीनने की तैयारी है। उन्होंने यह कानून लागू हो गए तो किसानों की जमीन छिन जाएगी। किसानों की आय दोगुनी करने का वादा करने वाले बताएं धान, सरसों कितने का बिकेगा। एक सवाल पर उन्होंने अपने कार्यकर्ताओं को आगे करके पूछा उनके पास कितनी जमीन है, जब उन्होंने अपनी जमीनें बताईं तो अखिलेश ने पत्रकारों से पूछा क्या यह किसान नहीं हैं।
उन्होंने कहा किसान आंदोलन में जो भी शामिल है वह किसान है, कोई किसी पार्टी में हो वह जमीन जोतता है तो किसान है। उन्होंने कहा कि उनके किसे कामों को आगे बढ़ाकर भाजपा अपने काम गिना रहा है और एंबुलेंस जैसे जो काम नहीं संभाल पाई वह चौपट हो गए।


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