लखनऊ के किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) के सभी 18 हॉस्टलों में अब नॉनवेज पर बैन लगा दिया गया है। यानी अब छात्रों को हॉस्टल की मेस में सिर्फ शाकाहारी खाना ही मिलेगा। यूनिवर्सिटी प्रशासन ने यह फैसला राज्यपाल आनंदीबेन पटेल की एक टिप्पणी के बाद लिया है। कुलपति के जुबानी निर्देश के बाद चीफ प्रोवोस्ट प्रो. केके सावलानी ने आधिकारिक आदेश जारी कर दिया है।
क्यों बैन किया गया नॉनवेज?
केजीएमयू के चीफ प्रोवोस्ट ने 14 जुलाई को एक लेटर भेजकर इस आदेश को तुरंत लागू करने के लिए कहा है। इस मामले पर यूनिवर्सिटी के प्रवक्ता प्रेम राज सिंह ने साफ किया कि दीक्षांत समारोह में राज्यपाल ने नॉनवेज खाने की जगह पर साफ-सफाई की कमी का मुद्दा उठाया था। प्रवक्ता ने बताया कि यूनिवर्सिटी की अपनी सभी 22 मेस में तो पहले से ही कभी नॉनवेज नहीं बनता है। कुछ छात्रों की अपनी को-ऑपरेटिव मेस है, जिसे वह खुद चलाते हैं। उसमें वह बाहर से नॉनवेज खाना बनवाकर मंगवाते थे, लेकिन अब उन छात्रों को भी साफ कह दिया गया है कि कॉलेज परिसर में किसी भी तरह का नॉनवेज खाना नहीं चलेगा।
इमाम ने निर्णय वापस लेने का किया आग्रह
KGMU के हॉस्टल में नॉनवेज पर प्रतिबंध को लेकर ईदगाह के इमाम मौलाना खालिद रशीद फिरंगी महली ने कहा कि “61% से ज्यादा भारतीय मांसाहारी हैं। मेडिकल के नजरिए से भी मांसाहारी भोजन मानव स्वास्थ्य के लिए बहुत फायदेमंद है और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में मदद करता है। अगर KGMU जैसे प्रतिष्ठित मेडिकल कॉलेजों में इस प्रकार के निर्णय लिए जाते हैं, तो यह एक बहुत ही गलत संदेश देता है। मैं केजीएमयू प्रशासन से इस निर्णय को वापस लेने का आग्रह करता हूं।”
छात्र बाहर खा सकते हैं नॉनवेज
छात्रों के पसंद के खाने पर पूरी तरह प्रतिबंध नहीं लगाया गया है। अगर कोई छात्र नॉनवेज खाना चाहता है, तो वह बाहर जाकर खा सकता है। यह रोक सिर्फ हॉस्टल के मेस में नॉनवेज बनाने पर लगी है।


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