भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की उत्तर प्रदेश कार्यसमिति के सदस्य व पूर्व विधायक राम इकबाल सिंह ने तीन नए कृषि कानूनों के विरोध में किसानों के चल रहे आंदोलन का समर्थन किया और कहा कि राज्य में होने वाले विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए भाजपा नीत केन्द्र सरकार इन कानूनों को वापस ले सकती है।
पूर्व विधायक सिंह ने रविवार रात जिले के नगरा में संवाददाताओं से बातचीत करते हुए कहा,‘‘ किसानों की मांगे सही हैं। विधानसभा चुनाव और किसानों में रोष को देखते हुए केन्द्र की नरेन्द्र मोदी सरकार इन कानूनों को वापस ले सकती है।’’ उन्होंने कहा कि कृषि कानूनों के विरोध में प्रदर्शनों के चलते भाजपा के नेता पश्चिमी उत्तर प्रदेश के गांवों में नहीं जा पा रहे हैं और आने वाले समय में किसान भाजपा के जन प्रतिनिधियों का घेराव भी कर सकते हैं ।
उन्होंने इजराइल के जासूसी सॉफ्टवेयर पेगासस से कथित तौर पर जासूसी कराने जाने को लेकर संसद में चल रहे गतिरोध को दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया और कहा कि लोकतांत्रिक देश में विपक्ष की मांग पर विचार होना चाहिए। उन्होंने कहा,‘‘ यदि विपक्ष चाहता है कि जासूसी कांड की जांच हो तो सरकार को इसकी जांच करानी चाहिए। यह सरकार की जिम्मेदारी है कि संसद का सत्र सुचारू रूप से चले।’’
सिंह ने कोविड की संभावित तीसरी लहर से निपटने के लिए राज्य के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार द्वारा की गई तैयारियों पर भी सवाल उठाये। उन्होंने कहा कि सरकार ने दूसरी लहर से सबक नहीं लिया और मामलों से आगे निपटने के लिए कोई प्रभावी प्रबंध नहीं किए हैं।


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