सीएए (नागरिकता संशोधन कानून) के विरोध के दौरान हिंसा में नामजद लोगों के लखनऊ में लगे पोस्टर्स व होर्डिग्स हटवाने के इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले को बहुजन समाज पार्टी(बसपा) की अध्यक्ष मायावती ने सराहना की है। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने होर्डिग्स लगवाने के मामले का स्वत: संज्ञान लिया था।
मायावती ने ट्वीट किया, लखनऊ में सीएए के विरोध में किए गए आंदोलन मामले में हिंसा के आरोपियों के खिलाफ सड़कों/चौराहों पर लगे बड़े-बड़े सरकारी होर्डिग/पोस्टर को मा़ इलाहाबाद हाईकोर्ट द्वारा स्वत: संज्ञान लेकर, उन्हें तत्काल हटाए जाने के आज दिए गए फैसले का बीएसपी स्वागत करती है।
गौरतलब है कि नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के खिलाफ लखनऊ में प्रदर्शन के दौरान हिंसा व तोडफोड़ करने वालों का सार्वजनिक स्थल पर पोस्टर लगाने के मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सोमवार को अपना फैसला दिया है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार को सभी सार्वजनिक जगहों पर लगाए गए पोस्टर्स व होर्डिग्स हटाने के आदेश दिए हैं। इसके साथ ही हाईकोर्ट ने हिंसा के दौरान नामजद लोगों के नाम, पते और फोटो भी सार्वजनिक न करने के निर्देश दिए हैं। रविवार को सरकार की ओर से महाधिवक्ता ने हाईकोर्ट में पक्ष रखा। इसके बाद कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया था।


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