कोरोना वायरस (कोविड-19) को हारने के लिए देश में 21 दिनों का लॉकडाउन लगाया गया है। लॉकडाउन का सबसे ज्यादा और व्यापक असर देश के मजदूर वर्ग पर पड़ा है। मजदूरों और दैनिक वेतन पर आश्रित लोगों की परेशानियों को ध्यान में रखते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बेहद ही महत्वपूर्ण कार्य किया है।
मुख्यमंत्री योगी ने सोमवार को मनरेगा योजना के तहत राज्य के 27.5 लाख श्रमिकों के बैंक खाते में सीधे 611 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए। इस दौरान मुख्यमंत्री योगी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए मनरेगा मजदूरों से बातें भी की। दरअसल, केंद्र ने मनरेगा मजदूरों की मजदूरी 182 रुपये से बढ़ाकर 202 रुपये कर दी है।
लॉकडाउन उल्लंघन पर केंद्र सख्त, दिल्ली और नोएडा में बेवजह बाहर निकलने पर होगी FIR
उत्तर प्रदेश में कोरोना का मामलों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। एहतियात के तौर पर योगी सरकार ने राज्य में आने वाले हर व्यक्ति को 14 दिनों तक क्वारांटाइन में रहने का आदेश दिया है। मुख्यमंत्री योगी ने रविवार को कहा कि सूबे की सीमा में दाखिल होने वाले हर शख्स को 14 दिनों तक क्वारांटाइन अथवा आइसोलेशन में अनिवार्य रूप से रखा जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कोरोना के बचाव के लिये गठित टीम 11 के साथ हालात की नियमित समीक्षा के बाद लोगों को आश्वस्त किया कि लॉकडाउन अवधि में किसी का भी वेतन उसका नियोक्ता नहीं काटेगा। लॉकडाउन की अवधि में आने वाली तमाम दिक्कतों के समाधान के लिए 11 वरिष्ठ अधिकारियों की अगुवाई में अलग-अलग टीम का गठन किया गया है।
आधिकारिक सूत्रों ने कहा कि मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारियों समेत अन्य अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि लोगों के स्वास्थ्य को लेकर कोई समझौता नहीं करना है और दिल्ली समेत अन्य राज्यों से आये लोगों को अनिवार्य रूप से 14 दिनों के क्वारांटाइन अथवा एकांतवास में रहना होगा। अधिकारियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि बाहर से आए लोगों को घर भेजने से पहले 14 दिनों तक क्वारांटाइन में रखे।


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