कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा आज उत्तर प्रदेश के सोनभद्र में जमीनी विवाद को लेकर हुए हत्याकांड के पीड़ितों से मुलाकात की। प्रियंका गांधी ने जमीनी विवाद में मारे गए व घायल हुए लोगों के परिजनों से मुलाकत कर उनका दुख-दर्द साझा किया। वहीं उत्तर प्रदेश की बीजेपी सरकार ने प्रियंका की इस यात्रा को राजनीतिक स्टंट करार देते हुए कहा कि कांग्रेस महासचिव को सोनभद्र में अपनी ही पार्टी के नेताओं के पूर्व के कृत्यों का पश्चात्ताप करना चाहिए।
सोनभद्र पहुंचने से पहले उन्होंने ट्वीट कर कहा ”चुनार के किले पर मुझसे मिलने आए ये उभ्भा गांव के पीड़ित परिवारों के सदस्यों से मैंने वादा किया था कि मैं उनके गांव आऊंगी। आज मैं उभ्भा गांव के बहनों-भाइयों और बच्चों से मिलने, उनका हालचाल सुनने-देखने, उनका संघर्ष साझा करने सोनभद्र जा रही हूं।”
चुनार के किले पर मुझसे मिलने आए उभ्भा गाँव के पीड़ित परिवारों के सदस्यों से मैंने वादा किया था कि मैं उनके गाँव आऊँगी।
आज मैं उभ्भा गाँव के बहनों-भाइयों और बच्चों से मिलने, उनका हालचाल सुनने-देखने, उनका संघर्ष साझा करने #सोनभद्र जा रही हूँ।
— Priyanka Gandhi Vadra (@priyankagandhi) August 13, 2019
प्रियंका सोनभद्र के उभ्भा गांव में उन 10 गोंड आदिवासियों के परिवारों से मुलाकात करी, जो पिछले महीने 17 जुलाई को जमीन के विवाद को लेकर हुई गोलीबारी में मारे गए थे। गौरतलब है कि सोनभद्र के घोरावल थाना क्षेत्र स्थित इलाके में 17 जुलाई को जमीन के एक टुकड़े को लेकर हुए संघर्ष में 10 ग्रामीणों की हत्या कर दी गई थी और 28 अन्य घायल हो गए थे।
मारे गए लोगों के परिजनों से मिलने 19 जुलाई को जा रहीं प्रियंका को मिर्जापुर जिला प्रशासन ने बीच में ही रोक लिया था। उनके धरने पर बैठने पर उन्हें हिरासत में ले लिया गया था। बाद में उन्हें चुनार गेस्ट हाउस ले जाया गया था। अगली सुबह गोलीकांड के पीड़ित कुछ परिवारों ने गेस्ट हाउस आकर प्रियंका से मुलाकात की थी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उनकी सरकार के मंत्रियों ने इसे प्रियंका का राजनीतिक स्टंट करार देते हुए उभ्भा कांड के लिए कांग्रेस को दोषी ठहराया था।


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