up news : प्रतिवर्ष 1 अक्टूबर को अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस मनाया जाता है। यह दिवस वरिष्ठजनों के योगदान को सम्मान देने तथा उनके स्वास्थ्य, अधिकारों और गरिमापूर्ण जीवन के प्रति जागरूकता बढ़ाने का अवसर है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के संदर्भ में सामान्यतः 60 वर्ष या उससे अधिक आयु के व्यक्तियों को वरिष्ठजन माना जाता है।
इस दिवस की पृष्ठभूमि वर्ष 1982 में अपनाई गई वियना अंतरराष्ट्रीय वृद्धावस्था कार्ययोजना से जुड़ी है। संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 14 दिसंबर 1990 को प्रस्ताव 45/106 के माध्यम से 1 अक्टूबर को अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस घोषित किया। पहला आयोजन 1 अक्टूबर 1991 को हुआ। वर्ष 1991 में ही संयुक्त राष्ट्र ने वरिष्ठजनों की स्वतंत्रता, सहभागिता, देखभाल, आत्म-विकास और गरिमा पर केंद्रित सिद्धांत अपनाए। इसके बाद वर्ष 2002 में मैड्रिड अंतरराष्ट्रीय वृद्धावस्था कार्ययोजना के माध्यम से बढ़ती वरिष्ठ आबादी की आवश्यकताओं पर वैश्विक स्तर पर ध्यान दिया गया।
इसी क्रम में, 1 अक्टूबर 2026 को किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय, लखनऊ के दंत विज्ञान संकाय के प्रोस्थोडॉन्टिक्स एवं क्राउन एंड ब्रिज विभाग द्वारा अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस पर कार्यक्रम आयोजित किया गया। विभाग में वर्ष 2013 से प्रतिवर्ष यह दिवस मनाया जा रहा है।
इस वर्ष आयोजन का विषय The Age of Longevity: Rethinking Systems for Longer Lives, अर्थात दीर्घायु का युग: लंबे जीवन के अनुरूप व्यवस्थाओं पर पुनर्विचार रहा। यह विषय बढ़ती आयु के साथ स्वास्थ्य सेवाओं, देखभाल और सामाजिक व्यवस्थाओं को वरिष्ठजनों की आवश्यकताओं के अनुरूप बनाने की महत्ता दर्शाता है।
कार्यक्रम में दंत विज्ञान संकाय के अधिष्ठाता डॉ. जी. के. सिंह तथा प्रोस्थोडॉन्टिक्स एवं क्राउन एंड ब्रिज विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. पूरन चंद उपस्थित रहे। कार्यक्रम के मुख्य आयोजक विभाग के प्रोफेसर डॉ. जितेंद्र राव एवं डॉ. कौशल किशोर अग्रवाल थे।
आयोजन में लगभग 60 वरिष्ठजनों ने भाग लिया। कुछ प्रतिभागियों ने अपने विचार और अनुभव भी साझा किए, जिससे कार्यक्रम में वरिष्ठजनों की सक्रिय सहभागिता को स्थान मिला।
स्वस्थ आहार और स्वस्थ दीर्घायु के संदेश को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से वरिष्ठजनों को ताज़ा तैयार सत्तू का पेय परोसा गया तथा मरीजों को कुकीज़ वितरित की गईं। साथ ही, कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों को मिलेट्स (मोटे अनाज) के पैकेट वितरित किए गए। इस पहल के माध्यम से दैनिक जीवन में पौष्टिक आहार के महत्त्व की ओर ध्यान आकर्षित किया गया।
वरिष्ठजनों के लिए एक प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता भी आयोजित की गई। विजेताओं को दंत देखभाल किट, कृत्रिम दाँतों की सफाई की किट तथा मिलेट्स युक्त उपहार पैक देकर सम्मानित किया गया जिसमें , मुख्य योगदान ब्रह्म कृषि या पीओ के श्री महेन्द्र यादव जी का रहा।
यह आयोजन वरिष्ठजनों के सम्मान, सहभागिता, पौष्टिक आहार और मुख एवं दंत स्वास्थ्य को एक साथ जोड़ने का प्रयास रहा। कार्यक्रम ने लंबे जीवन के साथ बेहतर जीवन-गुणवत्ता और गरिमापूर्ण देखभाल के महत्त्व को रेखांकित किया।


Download Android App
Download iOS App




