उत्तर प्रदेश के वाराणसी में काशी विश्वनाथ से सटी ज्ञानवापी मस्जिद के परिसर में मिले कथित शिवलिंग की पूजा अर्चना करने के लिए अन्न जल त्याग कर अनशन पर बैठे स्वामी अविमुक्तरेश्वरानंद सरस्वती ने अपने गुरु जगतगुरू शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती के कहने पर करीब 108 घंटे बाद अपना अनशन बुधवार को समाप्त कर दिया। स्वामी अविमुक्तरेश्वरानंद ने बताया कि, उनको अपने गुरु जगतगुरु शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती का पत्र प्राप्त हुआ है।
जगतगुरु के आदेश के अनुसार हम देश भर के साधु संतों को जुटाएंगे : अविमुक्तरेश्वरानंद
स्वामी अविमुक्तरेश्वरानंद ने कहा कि, वह स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती के आदेश पर अपना अनशन समाप्त कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि, जगतगुरु के आदेश के अनुसार हम देश भर के साधु संतों को जुटाएंगे और अदिविश्वेश्वर ज्योतिर्लिंग का मंदिर बनवाने के लिए राष्ट्रव्यापी अभियान चलाएंगे। गौरतलब हैं कि, स्वामी अविमुक्तरेश्वरानंद ने ज्ञानवापी परिसर में चार जून को पूजा अर्चना का ऐलान किया था।
जगतगुरु के आदेश के अनुसार हम देश भर के साधु संतों को जुटाएंगे : अविमुक्तरेश्वरानंद
स्वामी अविमुक्तरेश्वरानंद ने कहा कि, वह स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती के आदेश पर अपना अनशन समाप्त कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि, जगतगुरु के आदेश के अनुसार हम देश भर के साधु संतों को जुटाएंगे और अदिविश्वेश्वर ज्योतिर्लिंग का मंदिर बनवाने के लिए राष्ट्रव्यापी अभियान चलाएंगे। गौरतलब हैं कि, स्वामी अविमुक्तरेश्वरानंद ने ज्ञानवापी परिसर में चार जून को पूजा अर्चना का ऐलान किया था।
पुलिस प्रशासन के रोके जाने के बाद लिया था अन्न जल त्याग कर अनशन का फैसला
बता दें कि, पुलिस प्रशासन के रोके जाने पर अविमुक्तरेश्वरानंद श्रीमठ पर अन्न जल त्याग कर अनशन पर बैठ गए थे। स्वामी अविमुक्तरेश्वरानंद ने बुधवार को सुबह करीब 108 घंटे के बाद जगतगुरु शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती के आदेश पर अपना अनशन समाप्त कर दिया।
बता दें कि, पुलिस प्रशासन के रोके जाने पर अविमुक्तरेश्वरानंद श्रीमठ पर अन्न जल त्याग कर अनशन पर बैठ गए थे। स्वामी अविमुक्तरेश्वरानंद ने बुधवार को सुबह करीब 108 घंटे के बाद जगतगुरु शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती के आदेश पर अपना अनशन समाप्त कर दिया।


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