उत्तर प्रदेश के हाथरस में सामूहिक दुष्कर्म हुआ था जिसमे पीड़िता की मौत हो गई थी। इसी मामले की सुनवाई बुधवार को जिला अदालत में होनी है, उसके परिजन सुनवाई के वक्त उपस्थित नहीं होंगे। पीड़िता के परिवार की वकील सीमा कुशवाहा ने बताया कि परिवार के सदस्यों और मैंने सुरक्षा की चिंता के चलते बुधवार को अदालत की कार्यवाही में शामिल नहीं होने का फैसला किया है। मेरी ओर से अदालत में एक आवेदन पेश किया जाएगा और उसमें निर्णय के बारे में बताया जाएगा। हर सुनवाई के लिए कुशवाहा दिल्ली से हाथरस जाती हैं।
बता दें कि 5 मार्च को कुछ लोगों ने कथित रूप से पीड़िता के परिवार और उनके वकील को कोर्ट रूम में धमकाया था, जिसके बाद इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच ने हाथरस के जिला न्यायाधीश को घटना पर एक रिपोर्ट पेश करने का आदेश दिया था। लखनऊ में 19 मार्च को मामले की अंतिम सुनवाई के दौरान सीबीआई ने अदालत में एक आवेदन पेश कर राज्य की किसी अन्य अदालत में हाथरस से मामले को स्थानांतरित करने की मांग की थी।
सीमा ने कहा कि अब हाई कोर्ट तय करेगा कि अगली सुनवाई में क्या किया जाए। हाथरस जिले में 4 सितंबर को एक दलित युवती के साथ 4 लोगों ने सामूहिक दुष्कर्म किया था। इसके 29 सितंबर की सुबह उसकी मौत हो गई और उसके परिवार की सहमति के बिना ही स्थानीय प्रशासन ने आनन-फानन में उसका अंतिम संस्कार कर दिया था। इस मामले को लेकर पूरे देश में आक्रोश भड़क गया था।


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