कर्मचारी भविष्य निधि (ईपीएफ) का पैसा डिफॉल्टर कंपनी डीएचएफएल में निवेश करने को लेकर कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने उत्तर प्रदेश की योगी सरकार पर निशाना साधा है और पूछा है कि यह कदम किसके हित को ध्यान में रखकर उठाया गया। प्रियंका ने एक ट्वीट में कहा, “उत्तर प्रदेश में भाजपा सरकार ने राज्य के विद्युत निगम के कर्मचारियों के भविष्य निधि का पैसा डीएचएफएल जैसी एक डिफॉल्टर कंपनी में निवेश किया।”
उन्होंने कहा, “ऐसी कंपनी में कर्मचारियों की गाढ़ी कमाई के दो हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि का निवेश किसका हित साधने के लिए किया गया? क्या कर्मचारियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करना उचित है?”

मुंबई की विवादास्पद कंपनी दीवान हाउसिंग फाइनेंस कॉपोर्रेशन लिमिटेड (डीएचएफएल) के साथ कथित तौर पर उत्तर प्रदेश सरकार के करार के कारण लखनऊ में हड़कंप मचा हुआ है। जिसके बाद कांग्रेस महासचिव की ओर से यह टिप्पणी आई है।
राज्य के स्वामित्व वाली उप्र विद्युत निगम लिमिटेड (यूपीपीसीएल) ने डीएचएफएल में कथित तौर पर अपने कर्मचारियों की निधि से 2,600 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश किया है, जिसे संदिग्ध निर्णय कहा जा रहा है। अंडरवल्र्ड डॉन दाऊद इब्राहिम के करीबी सहयोगी रहे मृत इकबाल मिर्ची की कंपनी के साथ संबंधों के लिए डीएचएफएल के प्रमोटरों से हाल ही में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने पूछताछ की थी।


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