हिंदू समाज पार्टी के प्रमुख रहे दिवंगत कमलेश तिवारी की पत्नी किरण तिवारी अपने पति की मौत की चल रही जांच से संतुष्ट नहीं है और इसलिए उन्होंने इस मामले की अब एनआईए जांच की मांग की है। उन्होंने रविवार को कहा, “मैं जांच से संतुष्ट नहीं हूं और एनआईए (राष्ट्रीय जांच एजेंसी) से इस पूरे मामले की जांच करवाने की मांग करती हूं।”
किरण ने कहा, “मैं सरकार द्वारा दिए गए 15 लाख रुपये की अनुग्रह राशि को तब तक अपने पास रखूंगी जब तक कि एक भाजपा (भारतीय जनता पार्टी) के नेता की इसी तरह से हत्या नहीं कर दी जाती और तब इसमें बराबर राशि मिलाते हुए 30 लाख रुपये की राशि शोकाकुल परिवार को दूंगी।”
उन्होंने कहा, “मैं जांच से खुश नहीं हूं। मामला क्यों नहीं एनआईए को सौंपा जा रहा है? उत्तर प्रदेश पुलिस और एटीएस इसकी सही से जांच नहीं कर पाएगी। मारे जाने से एक दिन पहले मेरे पति ने नाका हिंदोला के एसएचओ को जान के खतरे के बारे में बताया था, लेकिन उन्होंने इस ओर ध्यान नहीं दिया।”
कमलेश की मौत के बाद किरण को सर्वसम्मति से हिंदू समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष बना दिया गया है। दादरी लिंचिंग मामले की पीड़िता को दिए गए मुआवजे की तुलना करते हुए किरण ने कहा, “दादरी लिंचिंग मामले के पीड़ितों को 50 लाख रुपये दिए गए और हमें 15 लाख। क्या जान की अलग-अलग कीमत होती है?”
कमलेश तिवारी की पत्नी किरण बनी हिंदू समाज पार्टी की अध्यक्ष
उन्होंने कहा कि वह तब तक शांत होकर नहीं बैठेगी जब तक उनके पति के ‘असली हत्यारे’ को फांसी पर नहीं लटकाया जाता। उन्होंने परिवार को जेड प्लस सुरक्षा की मांग की और घटना के एकमात्र चश्मदीद सौराष्ट्रजीत सिंह की सुरक्षा के प्रति चिंता जताई। कमलेश तिवारी की उनके आफिस में 18 अक्टूबर को हत्या कर दी गई थी।
इस मामले में गुजरात आतंकवाद निरोधक दस्ता (एटीएस) ने 22 अक्टूबर को अशफाक हुसैन (34) और मोइनुद्दीन खुर्शीद पठान (27) को गिरफ्तार किया था। इस मामले में पांच और आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है जिस पर हत्या की साजिश रचने और हत्यारों को मदद पहुंचाने का आरोप है।


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