लखीमपुर हिंसा : उच्च न्यायालय ने जमानत याचिका पर फैसला सुरक्षित रखा, आशीष मिश्रा ने दी थी दलील

Summary :

लखीमपुर खीरी में हुई हिंसा के मामले में इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ खंडपीठ ने आशीष मिश्रा उर्फ मोनू की जमानत याचिका पर मंगलवार को अपना आदेश सुरक्षित रख लिया

उत्तर प्रदेश की लखीमपुर खीरी में हुई हिंसा के मामले में इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ खंडपीठ ने केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा के बेटे आशीष मिश्रा उर्फ मोनू की जमानत याचिका पर मंगलवार को अपना आदेश सुरक्षित रख लिया। न्यायमूर्ति राजीव सिंह की पीठ ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिये सुनवाई पूरी करने के बाद आशीष की याचिका पर फैसला सुरक्षित रख लिया।
आशीष की ओर से कोर्ट में दी गयी दलील 
केंद्रीय गृह मंत्री के बेटे आशीष की ओर से दलील दी गई कि, वह निर्दोष है और उसके खिलाफ कोई सबूत नहीं है कि उसने किसानों को कुचलने के लिए उकसाया। वहीं याचिका का विरोध करते हुए राज्य सरकार के अपर महाधिवक्ता वी. के. शाही ने कहा कि घटना के समय आशीष उस कार में था जिसने किसानों को कुचल दिया था।
अक्टूबर में हुई थी घटना 
पिछले वर्ष तीन अक्टूबर को लखीमपुर खीरी जिले के तिकुनिया थाना क्षेत्र में किसान आंदोलन के दौरान भड़की हिंसा में चार किसानों और एक पत्रकार समेत आठ लोग मारे गये थे। इस घटना में आशीष मिश्रा और उसके सहयोगियों के खिलाफ हत्‍या, साजिश समेत कई गंभीर धाराओं में पुलिस ने मामला दर्ज किया और आशीष सहित एक दर्जन से ज्यादा आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।

Desk Team