मायावती ने ईंधन की कीमतों में कमी को जनता के लिए अधूरी राहत बताया, कहा-सरकार कृषि कानूनों को भी वापस ले लेती

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बहुजन समाज पार्टी (बसपा) सुप्रीमो मायावती ने पेट्रोल और डीजल की क़मतों में कमी को जनता के लिए अधूरी राहत बताते हुए कहा है कि दिवाली का सही तोहफ़ जनता को तब मिलता अगर केंद्र सरकार किसानों को आंदोलन के लिए मजबूर कर रहे तीनों कृषि क़नूनों को भी वापस ले लेती।

बहुजन समाज पार्टी (बसपा) सुप्रीमो मायावती ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कमी को जनता के लिए अधूरी राहत बताते हुए कहा है कि दिवाली का सही तोहफ़ जनता को तब मिलता अगर केंद्र सरकार किसानों को आंदोलन के लिए मजबूर कर रहे तीनों कृषि कानूनों को भी वापस ले लेती।
मायावती ने रविवार को ट्वीट  कर कहा, ‘‘भाजपा का यह कहना कि‘सबका साथ, सबका विकास व सबका विश्वास’आदि को लोग जुमला न मानकर इस पर कैसे विश्वास करें जब देश के किसान 3 कृषि कानूनों की वापसी को लेकर लम्बे समय से तीव्र आन्दोलित एवं आक्रोशित भी हैं।’’


उन्होंने इन तीनों क़नून को वापस लेने की जरूरत पर बल देते हुए कहा कि दिवाली के बाद ही सही, सरकार को इन क़नूनों को वापस लेना चाहिए। 

उन्होंने एक अन्य ट्वीट  में कहा, ‘‘केंद्र  सरकार ने तीन साल में पहली बार उत्पाद कर थोड़ घटाकर लोगों को इस बार दिवाली पर कुछ राहत का तोहफा दिया है। उसी प्रकार दिवाली के बाद ही सही यदि तीनों विवादित कृषि कानूनों को वापस लेकर केंद्र सरकार देश के किसानों को भी दिवाली का तोहफा दे देती है तो यह बेहतर ही होगा।’’ उल्लेखनीय है कि हाल ही में केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार ने पेट्रोल और डीजल  की क़मत में कर कटौती कर 12 रुपये तक की कमी की है।

Desk Team