बसपा सुप्रीमो मायावती ने सोमवार को कहा कि संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) और राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) पर चर्चा के लिए कांग्रेस द्वारा बुलाई गई विपक्षी पार्टियों की बैठक में बसपा शामिल नहीं होगी। मायावती ने ट्वीट किया कि उनकी पार्टी सीएए और एनआरसी के खिलाफ है, लेकिन बैठक में शामिल होने से राजस्थान में उनकी पार्टी के कार्यकर्ता हतोत्साहित होंगे जहां कांग्रेस ने उनकी पार्टी में तोड़फोड़ की है।
उन्होंने कहा कि जैसा कि सबको पता है कि राजस्थान में कांग्रेस के नेतृत्व वाली सरकार को बसपा द्वारा बाहर से समर्थन दिए जाने के बावजूद दूसरी बार ऐसा हुआ कि बसपा विधायकों को कांग्रेस ने अपनी पार्टी में शामिल करने का प्रयास किया जो पूरी तरह गलत है। इन्होंने दूसरी बार वहाँ बीएसपी के विधायकों को तोड़कर उन्हें अपनी पार्टी में शामिल करा लिया है जो यह पूर्णतयाः विश्वासघाती है।
मायावती ने कहा कि ऐसी स्थिति में कांग्रेस के नेतृत्व में आज बुलाई गई विपक्षी पार्टियों की बैठक में बसपा के शामिल होने से राजस्थान में उसके कार्यकर्ता हतोत्साहित होंगे इसलिए बसपा बैठक में शामिल नहीं होगी। उन्होंने आगे लिखा कि केन्द्र सरकार से पुनः अपील है कि वह इस विभाजनकारी व असंवैधानिक कानून को वापिस ले। साथ ही, JNU व अन्य शिक्षण संस्थानों में भी छात्रों का राजनीतिकरण करना यह अति-दुर्भाग्यपूर्ण।
2. ऐसे में कांग्रेस के नेतृत्व में आज विपक्ष की बुलाई गई बैठक में बीएसपी का शामिल होना, यह राजस्थान में पार्टी के लोगों का मनोबल गिराने वाला होगा। इसलिए बीएसपी इनकी इस बैठक में शामिल नहीं होगी। 2/3
— Mayawati (@Mayawati) January 13, 2020
3. वैसे भी बीएसपी CAA/NRC आदि के विरोध में है। केन्द्र सरकार से पुनः अपील है कि वह इस विभाजनकारी व असंवैधानिक कानून को वापिस ले। साथ ही, JNU व अन्य शिक्षण संस्थानों में भी छात्रों का राजनीतिकरण करना यह अति-दुर्भाग्यपूर्ण। 3/3
— Mayawati (@Mayawati) January 13, 2020


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