Premanand Maharaj Darshan Timing: वृन्दावन के प्रेमानंद जी महाराज के बारे में आज बच्चा-बच्चा जानता है। जाने-माने आध्यात्मिक गुरु प्रेमानंद जी महाराज, जो लोगों को प्रेम, भक्ति और सच्चे जीवन के मार्ग बताते हैं। जीवन के प्रति प्रेमानंद जी के विचार काफी स्पष्ट और सरल हैं। महाराज जी के विचार कई लोगों को प्रभावित करते हैं, देश के बड़े-बड़े सेलिब्रिटी भी उनके सत्संग में नजर आते हैं।

रोजाना कई श्रद्धालु प्रेमानंद जी महाराज से मिलने और उनका आशीर्वाद पाने के लिए वृंदावन के उनके आश्रम पहुंचते हैं। सोशल मीडिया पर भी प्रेमानंद जी महाराज सुनने वाले बहुत लोग हैं। अगर व्यक्ति प्रेमानंद जी द्वारा बताई गई बातों को अमल कर ले तो वह जीवन में सफलता को प्राप्त कर सकता है। ऐसे में अगर आप भी यह सोच रहे हैं कि Premanand Maharaj se kaise mile? तो चलिए आपको उनके दर्शन का समय बताते हैं।
Premanand Maharaj Darshan Timing: प्रेमानंद महाराज से मिलने का समय

प्रेमानंद जी महाराज के दर्शन के लिए श्री हित राधा केलि कुंज आश्रम, परिक्रमा मार्ग, वृंदावन जाएं। दर्शन के लिए सुबह 7:00 बजे से 10:00 बजे और शाम 5:00 बजे से 8:00 बजे तक का समय है। एकांतिक वार्तालाप और सत्संग के लिए अलग समय निर्धारित है, जिसमें टोकन की आवश्यकता होती है। उनकी रात्रि परिक्रमा का भी अलग समय तय किया गया है, जिसके लिए भक्तों को रात से ही इंतजार करना पड़ता है। टोकन के लिए सुबह 9 बजे आश्रम में रजिस्ट्रेशन करवाना होता है और आधार कार्ड रखना भी ज़रूरी होता है। यह रजिस्ट्रेशन पूरी तरह से निःशुल्क होता है।
दर्शन के मुख्य समय
- सुबह: 7:00 बजे से 10:00 बजे (पहल सत्संग/दर्शन)
- शाम: 5:00 बजे से 8:00 बजे (संध्या आरती/दर्शन)
एकांतिक दर्शन और वार्तालाप
- एकांतिक वार्तालाप: सुबह 6:30 बजे से शुरू (5:30 बजे एंट्री)
- एकांतिक दर्शन: सुबह 8:00 बजे से शुरू (7:30 बजे एंट्री)
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कौन हैं Premanand Maharaj?

संत प्रेमानंद महाराज का जन्म उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले के आकरी गांव में अनिरुद्ध कुमार पांडे नाम से हुआ था। मात्र 13 वर्ष की उम्र में उन्होंने सांसारिक जीवन त्यागकर आध्यात्मिक मार्ग अपना लिया। काशी में उन्होंने गुरु गौरी शरण जी महाराज के सान्निध्य में लगभग 15 महीने तक तपस्या की। स्वास्थ्य समस्याओं के बावजूद वे वृंदावन पहुंचे और पूरी तरह राधा नाम के संकीर्तन में डूब गए।
Premanand Maharaj News: इस खतरनाक बीमारी की चपेट में हैं महाराज

प्रेमानंद जी महाराज पॉलीसिस्टिक किडनी डिजीज (Polycystic Kidney Disease) से पीड़ित हैं, जो साल 2006 में सामने आया था। शुरू में पेट दर्द की शिकायत थी, लेकिन बाद में पता चला कि दोनों किडनी खराब हो चुकी हैं। पहले सप्ताह में पांच दिन डायलिसिस होती थी, लेकिन अब रोजाना डायलिसिस की जरूरत पड़ती है। यह प्रक्रिया हर दिन उनके घर पर ही डॉक्टरों की निगरानी में होती है।


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